परिवार के करीब 11 साल पहले बिछड़े बच्चे को लेकर दो दावेदार आमने- सामने
हो गए। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने बीच का रास्ता निकालते हुए डीएनए टेस्ट
कराने की योजना बनाई है। गांव महरूपुर सहजू निवासी जाबिर हुसैन के मुताबिक
वर्ष 2004 में उनका डेढ़ साल का बेटा समीर गायब हो गया था। उसी साल 25
फरवरी को फतेहगढ़ कोतवाली में बेटे की गुमशुदगी के
लिए तहरीर दी थी। गांव
गुगौरा निवासी कमल प्रसाद को वर्ष 2004 में ही एक बच्चा मिला था। वह उसे
पाल रहे हैं और नाम रखा है सूरज। अब वह 13 वर्ष का है और कक्षा 6 में
पढ़ता है। जाबिर के मित्र की बहन की शादी गांव गुगौरा में हुई है। चार-पांच
दिन पहले गुगौरा में चर्चा के दौरान उसे पता चला कि जिस बच्चे की कमल
प्रसाद परवरिश कर रहे हैं वह उन्हें वर्ष
2004 में मिला था। यह बात जबिर तक
पहुंची तो वह एसपी के पास पहुंचे और बच्चा दिलाने की मांग की। एसपी के
निर्देश पर शनिवार को जाबिर और कमल प्रसाद को थाने बुलाया गया। यहां बच्चे
को लेकर दोनों पक्ष दावा करने लगे। विवाद बढ़
गया। एक पक्ष के तमाम लोग
थाना घेर लिए। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने बच्चे को कब्जे में ले लिया। फिर
दोनों पक्ष एसपी के यहां पहुंचे। यहां काफी देर पंचायत चलने के बाद एसपी ने
सूरज को कल प्रसाद को सौंप दिया है। एसपी ने बताया कि विवाद को देखते हुए
बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित
परिवार को सौंपा जाएगा।