फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिकवरी के लिए 16 प्रधानों, सचिव व टीए को नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मनरेगा के कार्यों में 10.67 लाख रुपये गबन करने के मामले में तत्कालीन 16 प्रधानों, सचिव व तकनीकी सहायकों को रिकवरी की नोटिस जारी की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने एक सप्ताह में धनराशि जमा करने की कड़ी हिदायत दी है।
विज्ञापन

मनरेगा के कार्यों में प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायकों (टीए) की मिलीभगत से मनमानी होती है। जेसीबी से कार्य कराकर करीबी मनरेगा श्रमिकों के खातों में भुगतान करा लिया जाता है तो कहीं बिना काम के ही धन निकाल लिया जाता है।
सोशल ऑडिट में वर्ष 2017-18, 2018-19 व 2019-20 में 16 ग्राम पंचायतों में 10.67 लाख का गबन पकड़ा गया। सीडीओ ने तत्कालीन प्रधान, सचिव व टीए से बराबर अनुपात में रिकवरी के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन

शमसाबाद की ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा में सर्वाधिक तीन लाख 65 हजार रुपये का गबन पाया गया। इसमें तत्कालीन प्रधान अर्चना देवी, सचिव अरविंद कुमार व टीए राजेश से वसूली के निर्देश हुए हैं।
नगला दमू में 74,522 रुपये के गबन में तत्कालीन प्रधान संजीव कुमार, सचिव अरुण कुुमार व टीए प्रशांत यादव से वसूली होगी।
इसी तरह, मोहम्मदाबाद के गांव करनपुर मजरा बांसमई में तीन लाख का घपला पकड़ा गया। इसमें तत्कालीन प्रधान शशि, सचिव कपिल देव त्रिपाठी से एक-एक लाख की वसूली की जाएगी।
इन्हीं सचिव की दूसरी ग्राम पंचायत सितवनपुर पिसू में 21,924 रुपये के गबन का मामला मिला। ग्राम पंचायत सिकंदरपुर नगला विनायक में 58,464 रुपये के घपले में तत्कालीन प्रधान मीना, सचिव विनय कुमार सिंह व टीए अजय सिंह को धनराशि जमा करनी होगी।
नवाबगंज के गांव कढ़िउली में एक लाख 275 रुपये के घोटाले में तत्कालीन प्रधान राजकुमार, सचिव प्रशांत कटियार व टीए सुशील कौशल से रिकवरी की जाएगी।
सीडीओ एम. अरून्मोली ने 24 मार्च को तत्कालीन प्रधान, सचिव व टीए को जारी नोटिस में निर्देश दिया है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना समिति के खाते में गबन की धनराशि एक सप्ताह में जमा कर दें।
विज्ञापन

अन्यथा सचिव व टीए के वेतन से धनराशि की कटौती होगी, जबकि तत्कालीन प्रधानों से भू राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें