अमृतपुर के गांव गौटिया में गिरा पड़ा बिजली का पोल।
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बाढ़ से चौतरफा घिरे गांव कटरी तौफीक और कमथरी के बाशिंदे जान से ज्यादा जीविका प्यारी वाली कहावत को चरित्रार्थ कर रहे हैं। वह गांव छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। एसडीएम के समझाने पर ग्रामीणों ने पानी दोबारा बढ़ा तो शरणालय में जाने की बात कहकर टाल दिया। एसडीएम ने गंगा के जलस्तर और गांव की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश तहसीलदार और लेखपाल को दिए हैं।
शमसाबाद इलाके के गांव कटरी तौफीक और कमथरी पानी से चारों से घिरे हुए है। आवागमन के लिए ग्रामीणों को नाव सहारा लेना पड़ रहा है। गांव में ग्रामीणों के घरों में पानी भरने के कारण उत्पन्न हुई समस्या को लेकर एसडीएम कायमगंज अजीत कुमार ने तहसीलदार गजेन्द्र सिंह के साथ नाव पर बैठकर गांव पहुंचे।
कटरी तौफीक में अखिलेश कुमार, रामप्रकाश, सोवरन सिंह, गंगाश्री, सुभाष चंद्र, रामतीर्थ, महावीर, राकेश कुमार, वृजपाल, अमर सिंह के घर में पानी भरा है। एसडीएम कहा कि चिलसरा और शमसाबाद मंडी में बनाए गए शरणालय में चलकर रहे। ताकि जान माल की सुरक्षा बनी रही। वहां पर सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। एसडीएम की बात सुनकर ग्रामीणों ने घर छोड़ने से इनकार कर दिया। गांव के लोगों ने कहां कि अब तो गंगा का जलस्तर कुछ कम हो गया है।
इस कारण वह गांव छोड़कर अभी नहीं जाएगी। अगर जलस्तर दोबारा बड़ा तो वह शरणालय में जाकर परिवार के साथ रहेंगे। एसडीएम ने लेखपाल और तहसीलदार से कहा कि प्रधान के माध्यम से गांव मेें एनाउंस कराया जाए कि गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सभी लोग शरणालयों में जाकर निवास करें। अगर शरणालय में अपनी मर्जी से नहीं जाते है तो जबरन ले जाया जाएगा।
एडीएम ने बताया कि लेखपाल और तहसीलदार को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए है। अगर पानी बढ़ता है तो ग्रामीणों को जबरन शरणालयों में ले जाया जाएगा।