फर्रुखाबाद : बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित।
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कंपिल (फर्रुखाबाद)। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कंपिल आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया है। उसके खिलाफ कुर्की नोटिस भी जारी हुआ है। 14 जनवरी तक उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश पुलिस को दिया गया है। वीरेंद्र देव दीक्षित दिल्ली के थाना विजय विहार में दर्ज दुष्कर्म व अपहरण के तीन मामलों में भी फरार है। सीबीआई चार साल से बाबा को तलाश कर रही है। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम भी सीबीआई ने घोषित कर रखा है।
कंपिल आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में बिजली चोरी को विद्युत उपकरणों को क्षति पहुंचाने का मामला चल रहा है। बाबा कई साल से फरार चल रहा है। एसीजेएम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट व कुर्की नोटिस जारी होने पर पुलिस सोमवार को गंगा रोड स्थित आश्रम पर बाबा को तलाश करने गई, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।
इसी बाबा के खिलाफ दिल्ली के रोहिणी स्थित आश्रम में कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर यौन शोषण के आरोप के बाद थाना विजय विहार में एक-एक कर तीन मामले दर्ज हुए थे।
मामले की जांच सीबीआई कर रही है। बाबा की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने देश भर के 100 से अधिक उसके आश्रमों में छापे मारे थे। बावजूद इसके बाबा वीरेंद्र देव सीबीआई के हाथ नहीं लगा। इसके बाद सीबीआई ने कंपिल व फर्रुखाबाद के सिकत्तरबाग स्थित आश्रमों पर ब्लू कार्नर नोटिस चस्पा कर पांच लाख का इनाम घोषित किया था। तब से आश्रमों में संवासिनियों समेत अन्य लोगों का आना जाना तो है, लेकिन बाबा फरार है।
आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित वर्ष 1998 में चर्चा में आया था। उसके खिलाफ बिजली उपकरणों को क्षति पहुंचाने का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद कोलकता की एक युवती ने बाबा व उनके चेलों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। युवती के पिता ने बाबा और चेलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से बाबा चर्चाओं में बना हुआ है।