फर्रुखाबाद। गैंगस्टर के मामले में साढ़े तीन घंटे चली कार्रवाई के बाद बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे का ठंडी सड़क स्थित होटल कुर्क कर लिया गया। बसपा नेता की पत्नी की तहसीलदार और वकीलों की कोतवाली से नोकझोंक हुई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे इंस्पेक्टर रामनिवास व ठेकेदार शमीम की हत्या के मामले में मैनपुरी जेल में बंद हैं। उन रासुका व गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है।
गैंस्टर के तहत कुर्की की कार्रवाई के लिए सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कोतवाल विनोद शुक्ला, मऊदरवाजा इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ बसपा नेता के ठंडी सड़क स्थित श्री गुरुशरणम पैलेस होटल पहुंचे। उन्होंने ढोल बजवाकर कुर्की की मुनादी कराई। पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लिया।
कुछ ही देर में तहसीलदार श्रद्धा पांडेय कई राजस्व कर्मियों के साथ पहुंचीं। उन्होंने कमरों में रुके पांच लोगों को सामान सहित बाहर निकलवा दिया। इसी दौरान डॉ. अनुपम दुबे की पत्नी मीनाक्षी दुबे पहुंच गईं। उन्होंने तहसीलदार के सामने विरोध दर्ज कराया। कहा कि होटल पर बैंक का कर्ज है। तहसीलदार ने कह दिया इससे उन्हें कोई मतलब नहीं हैै।
तहसीलदार ने डीएम के आदेश पर कार्रवाई की बात कही। इस पर वह शांत हो गईं। इसी दौरान पुलिस और राजस्व कर्मियों ने डीवीआर और तीन कंप्यूटर के सीपीयू निकाल कर कब्जे में ले लिए। मीनाक्षी दुबे ने इसे नियम के खिलाफ बताया। कुछ ही देर में अताउलहक कस्पी, ब्रजेंद्र मोहन अग्निहोत्री, दीपक द्विवेदी समेत चार अधिवक्ता पहुंच गए। उन्होंने कहा कि केवल कुर्क कर सकते हैं, मगर कोई भी वस्तु कब्जे में लेकर बाहर नहीं जा सकती।
इस पर तहसीलदार ने किसी बड़े अफसर से फोन पर काफी देर बात की। बाद में डीवीआर और सीपीयू एक कमरे में रखकर सील करवा दिया गया। तहसीलदार ने सुबह 11:06 पर मुख्य गेट पर सील लगा दी। पैलेस के बाहर एक बोर्ड लगाया गया, इस पर गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत होटल कुर्क होने की बात लिखी है।