एआरटीओ कार्यालय में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन कार्यालय में सात दिन से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनने से आवेदक परेशान हैं। वहीं, ऑनलाइन आवेदन के काम की रफ्तार भी बहुत धीमी है। 15 दिनों में आए 700 आवेदनों में से मात्र 300 लाइसेंस ही बन सके हैं, जबकि सॉफ्टवेयर से एक दिन में 50 लाइसेंस बन सकते हैं। इसके अलावा अब सात दिनों से काम भी ठप पड़ा है। 400 आवेदन लंबित होने और नए आवेदन न होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया आसान होने से अब किसी भी जनसेवा केंद्र से व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। ऐसे में परिवहन कार्यालय में आवेदन अधिक आ गए हैं, जबकि काम की गति अभी धीमी है। आवेदन के समय एक तारीख मिलती है। अगर निर्धारित तारीख पर टेस्ट नहीं हो पाया तो आवेदकों को अब ऑनलाइन दूसरी तारीख भी नहीं मिल पा रही है। कार्यालय में अब मैनुअल फीस भी नहीं जमा होती है, जिससे आवेदक परेशान घूम रहे हैं।
सात दिन से लाइसेंस न बनने से आवेदक परिवहन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनको सही जानकारी भी नहीं मिल रही है। ऑनलाइन आवेदन से लाइसेंस बनाने की क्षमता भी मंद हो गई है।
वेबसाइट पर एक दिन में 50 ड्राइविंग लाइसेंस ही बन सकते हैं। क्षमता से अधिक आवेदन होने से नए आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। लंबित आवेदनों का तेजी से निस्तारण कराया जा रहा है। लाइसेंस बनवाने की क्षमता को भी बढ़वाया जाएगा। - मोहम्मद हसीब, एआरटीओ