फर्रुखाबाद। हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझी निशा की मौत का राज मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से खंगाला जाएगा। युवती के पिता और पति के बयानों का विरोधाभास घटना की गुत्थी को उलझाता जा रहा है। पुलिस प्रेम प्रसंग के बिंदुओं के साथ ही ऑनर किलिंग के एंगल पर भी जांच को आगे बढ रही है। पुलिस की मौजूदगी में निशा का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, पिता की तहरीर के आधार पर पांच नामजद आरोपियों की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है। पुलिस ने शक के आधार पर दीपक के दोस्तों को भी हिरासत में लिया है।
पांचाल घाट पर सोमवार को पुलिस की देखरेख में निशा के शव का अंतिम संस्कार किया गया। दो सिपाही निशा की अंत्येष्टि के दौरान मौजूद रहे। पति अमित चौहान ने शव को मुखाग्नि दी। इसके बाद पति व पिता अपने-अपने गांव चले गए। निशा की मौत के बाद पुलिस ने पिता बलराम सिंह से निशा का मोबाइल कब्जे में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस निशा के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। दीपक से निशा की करीबी का भी पता किया जा रहा है। निशा के पास आखिरी कॉल किसका आया था। उधर, एएसपी डॉ. संजय कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, नवाबगंज थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडे व 112 प्रभारी आमोद कुमार सिंह जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव कुंदन गनेशपुर पहुंचे। उन्होंने कुंदनपुर गनेशपुर में स्कूल के पीछे बाग के किनारे घटनास्थल देखा।
सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए। एएसपी ने चिकित्सक धीरेंद्र सिंह से घटना की जानकारी की। पुलिस ने बलराम सिंह की तहरीर पर दीपक निवासी जैतपुर कोतवाली मोहम्मदाबाद समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। एएसपी ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है क्योंकि पिता यह नहीं बता रहा कि निशा को आग कहां लगाई गई। निशा व दीपक के दोस्ती के बारे में घरवाले जानते थे। पति अमित को भी जानकारी थी। यह भी हो सकता है कि निशा ने खुद ही आग लगाई हो। फिलहाल दीपक की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
संदेह के घेरे में अमित चौहान के गिरे पैसे व मोबाइल
फर्रुखाबाद। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि घटना की जानकारी मिलने पर दिल्ली से आते समय पति अमित चौहान का मोबाइल व 15 हजार रुपये रास्ते में गिर गए। परिजन यह भी कह रहे हैं कि शायद आरोपी निशा को चिकित्सक धीरेंद्र के अस्पताल तक छोड़ गए। अब सवाल यह है कि जो महिला को जलाएगा, वो उसे चिकित्सक के पास छोड़ने क्यों आएगा। (संवाद)
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जमीन को बंटाई पर लिए था आरोपी -
निशा से आरोपी की मुलाकात का जरिया पिता और पति की जमीन बनीं। निशा के पिता की जमीन को दीपक बंटाई पर लिए हुए था। वहीं, निशा के पति अमित चौहान के हिस्से की जमीन भी ससुर के कहने पर दीपक को दी गई थी। अमित ने बातचीत में बताया कि ससुर के कहने पर ही अपनी जमीन भी बंटाई पर दे दी थी। इस वजह से उसका घर पर आना-जाना रहता था। अमित ने बताया कि निशा बच्चों को पढ़ाने के लिए फतेहगढ में रहती थी। इस बीच कौन आया, किससे बात हुई उसे नहीं पता है।