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दवाई के गत्ते में बंद मिला नवजात बच्ची का शव

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फर्रुखाबाद। बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं। मगर कुछ माताएं ऐसी भी हैं, जो बेटी को जन्म लेते ही फेंक देती हैं। शुक्रवार को एक दवाई के गत्ते में बंद कर नवजात बच्ची का शव बघार नाला के नीचे फेंका गया। कुत्तों ने जब गत्ता नोचा, तो लोगों ने शव को खाने से बचा लिया।
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शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के बघार नाला पुल के नीचे कुछ लोगों ने एक दवा का गत्ता फाड़ते हुए कुत्तों को देखा। कुत्तों ने गत्ते को फाड़ा कि उसमें नवजात दिखा, तो लोगों ने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे आईटीआई चौकी प्रभारी रवीश कुमार सिंह ने शव कब्जे में ले लिया है। जहां नवजात बच्च्ची का शव मिला है, वहां से कुछ ही दूरी पर मेडिकल कालेज भी है। हालांकि दवा के गत्ते से साफ है कि किसी नर्सिंग होम में ही जन्म के बाद बच्ची को यहां फेंक दिया गया।
...तो बोर्ड पर गुड्डी संख्या कम ही रह जाएगी
सीडीओ डा. राजेंद्र पैंसिया ने नवजात शिशुओं के जन्म के वक्त ही उनका डाटा रखने की मंशा से सभी अस्पतालों में गुड्डा-गुड्डी बोर्ड लगवाए हैं। इनमें जन्म होते ही लड़का और लड़की को अंकित किया जाता है। यही नहीं लोहिया महिला अस्पताल में हर महीने बेटियों का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें हर माह की नौ तारीख को केक कटेगा और बेटियों को जन्म देने वाली माताएं पुरस्कृत भी होंगी। इसकी शुरूआत हो चुकी है। ऐसे वक्त में शहर में चल रहे अवैध नर्सिंग होमों में अवैध गर्भपात का गोरखधंधा चल रहा है। इसी वजह से आए दिन यहां वहां नवजात कन्याओं के शव पड़े मिल जाते हैं। ऐसे में गुड्डी की संख्या कैसे बढ सकेगी
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