फोटो-20, लोहिया महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू वार्ड। संवाद
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल के स्पेशल नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में सीएचसी से रेफर होकर आए नवजात को भर्ती नहीं किया गया।
परेशान परिजनों के बुलावे पर पहुंचे ईएमओ डॉ. उदयराज से यूनिट के कर्मियों ने अभद्रता कर दी। उन्होंने गेट तक बंद कर लिया। ईएमओ ने इमरजेंसी प्रभारी और सीएमएस से कर्मचारियों की शिकायत की है। उधर एक घंटे बाद नवजात को भर्ती किया गया।
थाना कमालगंज के गांव निशान नगला निवासी श्यामलाल की पत्नी शीतला को तीन दिन पहले सीएचसी में बेटा हुआ था। शनिवार शाम उसकी तबीयत खराब हुई तो एसएनसीयू यूनिट के लिए रेफर कर दिया गया। आरोप है कि श्यामलाल जब यूनिट में पहुंचे तो नवजात को तुरंत भर्ती करने की बजाय कर्मचारियों ने उन्हें बाहर ही बैठा दिया।
श्यामलाल ने अपने पड़ोसी परिचित लोहिया पुरुष अस्पताल के ईएमओ डॉ. उदयराज को बुलाया। आरोप है कि ईएमओ ने जब स्टाफ से बात करनी चाही तो वार्ड की आया और स्टाफ नर्स ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी।
डॉ. उदयराज ने बताया कि उन्होंने लोहिया पुरुष अस्पताल में ईएमओ ड्यूटी पर होने का हवाला देकर आईकार्ड दिखाया। इसके बाद भी स्टाफ ने गेट बंद कर लिया और अंदर चली गईं। हालांकि करीब एक घंटे बाद नवजात को भर्ती कर लिया गया।
डॉ. उदयराज ने इसकी जानकारी इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी को दी। इसके बाद महिला और पुरुष अस्पताल के सीएमएस को फोन पर जानकारी दी।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि उन्हें डॉक्टर से कहासुनी की मौखिक शिकायत मिली है। रेफर बच्चे को भर्ती करने में लेटलतीफी नहीं होनी चाहिए। वह सोमवार को जवाब तलब करेंगे। डॉक्टर के सम्मान से कोई खिलवाड़ नहीं होगा।