समाजवादी पार्टी के नव मनोनीत जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव बुधवार को
पूरे रौ में दिखे। कार्यभार ग्रहण करने के बाद पार्टी कार्यालय में हुई
बैठक में गुटबाजों को ललकारा तो मौकापरस्तों का नाम लिए बगैर फटकारा भी।
कहा कि ऐसे लोग पार्टी छोड़कर खुद चले जाएं। पूर्व विधायक प्रताप सिंह
यादव बुधवार दोपहर लाव लश्कर के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां पूर्व
जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव ने उन्हें गले लगाया।
वे समर्थकाें के साथ लोहिया
मूर्ति पहुंचे। यहां श्रम संविदा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सतीश दीक्षित पहले
से ही पहुंच गए थे। लोहिया प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ताआें ने
जिलाध्यक्ष को 51 किलो की माला पहनाई। फिर पार्टी कार्यालय में हुई बैठक
में जिलाध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग नाराज चल रहे हैं। उन्हें साथ लाया
जाएगा। गुटबंदी खत्म की जाएगी। पुराने कार्यकर्ताआें को पूरा सम्मान
मिलेगा। कार्यकर्ता नेताआें के आगे पीछे घूमने बजाय फील्ड में काम करें।
पूर्व जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव ने कहा कि वह पहले ही कोई चुनाव न लड़ने का
ऐलान कर चुके हैं। संगठन का काम करते रहेंगे। पूर्व चेयरमैन सतीश दीक्षित
ने कहा कि सभी से संवाद कायम रखा जाएगा। सभी मिलकर लक्ष्य की पूर्ति के लिए
जुटें। यहां उर्मिला राजपूत, विश्वास गुप्ता, नागेंद्र शाक्य, अभय प्रताप
आदि ने भी संबोधित किया। संचालन मंदीप यादव ने किया।
सपा के अंदरखाने में चल रही है खदबदाहट
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बदलने के साथ ही अंदरखाने में खदबदाहट शुरू
हो गई है। फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों में अपने पद को लेकर उथल-पुथल
की स्थित है। हालांकि सभी को साधना जिलाध्यक्ष के लिए भी बड़ी चुनौती है।
क्योंकि खेमेबंदी के बीच उन्हें ऐसे वक्त पार्टी की कमान सौंपी गई है, जब
पंचायत चुनाव सिर पर है। नए जिलाध्यक्ष के सामने पंचायत चुनाव फतह का बड़ा
लक्ष्य है।
और हाल यह है कि नुमाइंदे मासिक बैठकों में शिरकत करने से भी
परहेज कर रहे हैं। खेमेबाजी है ही। नए अध्यक्ष हालाताें को पटरी पर लाने के
लिए फार्मूला मेल मिलाप यानी सभी से मिलकर उनकी नाराजगी दूर करना अपनाना
चाह रहे हैं। यह फार्मूला कितना कारगर होगा, यह तो वक्त बताएगा।
स्वागत समारोह में गायब रहे कई चेहरे
बुधवार
को जिला कार्यालय पहुंचे नव मनोनीत जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव के स्वागत
समारोह में पूर्व जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव मौजूद रहे, लेकिन उनके तमाम
समर्थक ही नहीं बल्कि रामसेवक यादव की कार्यकारिणी के कई चेहरे गायब रहे।
विधायक या पार्टी से सियासत करने वाले कद्दावर नेताओं ने भी जिलाध्यक्ष के
स्वागत समारोह से परहेज किया।
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अजय
कश्यप व महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुलक्षणा सिंह केे अलावा बाकी फ्रंटल
संगठन के अध्यक्ष नदारद रहे।
खतरा भांप बदला पैंतरा
नए अध्यक्ष की
ताजपोशी से कई को खतरा लगने लगा है। इनमें पुरानी कार्यकारिणी के
पदाधिकारियाें के अलावा फ्रंटल संगठन भी शामिल हैं। सपा अल्पसंख्यक सभा के
जिलाध्यक्ष साजिद ने हालाताें के बदलने को भांप 2 फरवरी को इस्तीफा दे
दिया था। हालांकि साजिद का कहना है कि उन्हाेंने यह कदम व्यस्तताआें के
चलते उठाया है। बाकी पदाधिकारी संगठन में खुद की बरकरारी के लिए हाथ पांव
मार रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ ने पूर्व विधायक
प्रताप सिंह को मुबारकवाद दी है लेकिन इस पद को एक खास जाति के आरक्षित
कराने पर नाराजगी जाहिर कर दी है। अध्यक्ष रिजवान अहमद ताज ने कहा कि अन्य
वर्गों को भी इस पद पर मौका मिलना चाहिए। बार बार एक खास वर्ग को ही मौका
मिल रहा है।