बेसमेंट में पानी भरने से पड़ोसी का मकान गिरा
फर्रुखाबाद। नियमों को ताक पर रखकर खोदे गए बेसमेंट में जलभराव के चलते एक गरीब का मकान गिर गया। गनीमत रही कि वृद्धा, तीन बच्चों समेत परिवार के दस लोग बाल-बाल बच गए। आधी रात में दुर्घटना होने से पूरा सामान मलबे में दब गया। आसपास के पांच मकानों में दरारें पड़ गई हैं।
शहर के मोहल्ला मदारबाड़ी में एक 12 फीट गहरा बेसमेंट खोदा गया है। एक महीने से इसमें काम चल रहा है। मानकों की अनदेखी से शनिवार शाम हुई मूसलाधार बारिश में पूरा बेसमेंट भर गया। पड़ोसी शमशुद्दीन पुत्र शाहबुद्दीन की मां नफीसन आंगन में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे आवाज सुनकर जागीं तो घर की दीवार गिरती दिखी।
उनके शोर मचाने पर कमरे में सो रहे शमशुद्दीन, उसकी पत्नी रुखसाना, दूसरा बेटा नसरुद्दीन और उसकी पत्नी सादमा, तीसरा बेटा कमरुद्दीन, उसकी पत्नी फूलवानों और शमशुद्दीन के पुत्र आयान (7), अरमान (1), पुत्री शबनम (5) घर से बाहर भागे। दस मिनट में पूरा मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इसके अलावा पड़ोसी रिंकू हैदर समेत आसपास के पांच मकानों में दरारें पड़ गईं।
घटना के बाद मोहल्ले में दहशत फैल गई। परिवार के लोगों ने रात जागकर गुजारी। शमशुद्दीन ने बताया कि इतना भी मौका न मिला कि कुछ भी निकाल पाता। सब कुछ दब गया। वैसे भी गरीबी के चलते रोटी को मशक्कत करनी पड़ रही थी। अब तो दो वक्त की रोटी मिलना भी मुश्किल है। आईटीआई चौकी प्रभारी रवेंद्र नाथ ने बताया कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है। वह इस मामले को दिखवाएंगे। दोषी पर कार्रवाई करेंगे।