गंगा चेतावनी बिंदु के नजदीक, बाढ़ का खतरा बढ़ा
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गंगा का जलस्तर मंगलवार को 25 सेंटीमीटर बढ़कर 136.55 मीटर पर पहुंच गया है जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से केवल पांच सेंटीमीटर दूर है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ को जाने वाले मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। प्राथमिक विद्यालय पांचाल घाट, पंचायतघर में पानी भर गया है। करीब 12 गांवों के नजदीक तक पानी पहुंचने से ग्रामीण भयभीत हैं।
गंगा और रामगंगा में लगातार बांधों से पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। हरसिंहपुर कायस्थ जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। इससे आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों के पास आवागमन को नाव एक मात्र सहारा है। गांव ऊगरपुर में कटान रोकने को वन विभाग की ओर से पेड़ लगाए गए थे। जलस्तर बढ़ने से वहां भी कटान होने लगी है।
गांव रामपुर जोगराजपुर, बंगला की मडै़या, कुड़री सारंगपुर, उदयपुर, कंचनलपुर सबलपुर, लायकपुर, नगरिया जवाहर, सुंदरपुर नगला दुर्गू समेत 12 गांवों के नजदीक पानी पहुंच गया है। इससे इन गांवों के लोगों को बाढ़ का डर सता रहा है। चेतावनी बिंदु पार होते ही इन गांवों में पानी भरना शुरू हो जाएगा।
मंगलवार को गंगा में 80296 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर दो दिन बाद गंगा के जलस्तर में दिखाई देगा। रामगंगा में 5739 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर 134.35 मीटर से बढ़कर 134.60 मीटर पर पहुंच गया है। इससे गांव अलादादपुर भटौली, कोलासोता में कटान शुरू हो गई है।
मंझा की मड़ैया में नाव से हो रहा आवागमन
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से गांव मंझा की मड़ैया जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया था। इस गांव के लोग अब नाव से आवागमन कर रहे हैं।
क्या कहते जिम्मेदार
एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा में अभी पानी ज्यादा नहीं है। पानी नाममात्र बढ़ा है। हरसिंहपुर कायस्थ गांव के लोगों के पास खुद नाव है। जिनका वह आवागमन के लिए खुद प्रयोग कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर नाव की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाएगी। अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।