फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वी एम डी में शुरू हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

Sat, 21 Mar 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी विनियोग शीर्षक पर विद्या मंदिर महाविद्यालय में शनिवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। यहां कानपुर विश्व विद्यालय  के वाणिज्य विभाग के पूर्व अधिष्ठाता डा. यूएन शुक्ला ने कहा कि केवल शिलान्यास से नहीं  बल्कि योजनाओं के शुरू होने से देश का वातावरण ठीक होगा।
विज्ञापन


विद्यामंदिर महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में  डा. शुक्ला ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में धन की कोई कमी नहीं है। जो काला धन बाहर जा रहा है उसे देश हित में लगाया जाए जो विकास नजर आएगा। विदेशी निवेश भी स्वागत योग्य है। विदेश से जुटाई गई पूंजी से  देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार लाया जा सकता है।  मुख्य वक्ता डा. आरके गुप्ता ने

कहा कि पूरे संसार में जब मंदी का दौर चल रहा था तो भारत पर उसका बहुत कम प्रभाव पड़ा।  भारत अपना निवेश स्वयं अपनी बचतों से कर रहा है।  देश में विदेशी विनियोग से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। सीपी विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य योगेश तिवारी ने कहा कि लघु उद्योग विभाग छोटे-छोटे समूहों को पांच हजार से पांच लाख तक सहायता देकर उसका विकास
विज्ञापन


करना चाहती है।  बिचौलिए इसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं।  राम जन्म भूमि के पूर्व मजिस्ट्रेट अमीर चंद्र गुप्ता ने विदेशी विनियोग को देश हित में बताया। भारतीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विश्राम सिंह ने कहा कि विदेशी विनियोग की निगरानी की जानी चाहिए। व्यवस्थापक अरविंद गोयल ने एफडीआई को अपरिहार्य बताया। विद्यालय के प्राचार्य डा. वीके

गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत  किया। दीक्षा राजपूत ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। डा. श्याम मिश्रा ने गोष्ठी की रूप रेखा पर प्रकाश डाला। संचालन कुलदीप आर्य ने किया। इस दौरान डा. सुभाष चंद्र दीक्षित, डा. मनोज तिवारी, संतोष कालरा, दीगेंद्र गंगवार, टॉम, डा. डीपी राय, रवेंद्र शाक्य, डा. रश्मि गंगवार, विनायक तिवारी, पवन बाथम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें