घटना में सुरक्षित बचा नन्हा बच्चा।
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फतेहगढ़ कोतवाली के नई कालोनी नेकपुर में बंद कमरे में मां-बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव को अंदर की कुंडी तोड़कर बाहर निकाला। माना जा रहा है कि मां-बेटे की मौत करंट लगने से हुई है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के नई कालोनी नेकपुर निवासी मोहम्मद लतीफ पत्नी व बच्चों के साथ रहता है, जबकि परिवार के अन्य लोग दूसरे मकान में रहते हैं। 10 दिन पहले लतीफ दिल्ली में बेकरी में काम करने चला गया। उसकी पत्नी नजमा (30) और बेटा तौहीद (2) तथा एक माह का पप्पू गुरुवार की रात रोज की तरह अपने कमरे में सो गए।
शुक्रवार को शाम पांच बजे तक नजमा के कमरे से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोस में रहने वाली उसकी सास अनीसा बेगम ने आसपास के लोगों ने पूछा। नजमा के बारे में पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी गई। प्रभारी कोतवाल रजनेश चौहान और चौकी इंचार्ज त्रिभुवन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कमरे में बंद नजमा को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आने पर मोहल्लेवालों के सहयोग से दरवाजे के बाहर लगी कुंडी को तोड़ा गया।
इस दौरान नजमा कूलर के पास औंधे मुंह बेड पर मरी पड़ी थी। उसका दो वर्षीय बेटा तौहीद बेड के नीचे मृत पड़ा था। पप्पू मां से तकरीबन 20 घंटा अलग रहने के बाद भी सही-सलामत मिला। नजमा की सास अनीसा बेगम का कहना है कि यह लोग अलग रहते थे और नजमा अक्सर देर से सोकर उठती थी। इस वजह से उसने चिंता नहीं की, लेकिन 5 बजे तक न उठने पर उसने मोहल्लेवालों से चर्चा की।
फिलहाल पुलिस ने मां-बेटे के शव को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।