बैठक को संबोधित करते एजाज नूरी।
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टाउनहाल तिराहा की मस्जिद काजी साहब में हुई मुस्लिम समाज जनों की बैठक में विधि आयोग के प्रस्तावित सवालों के विरोध में एकजुटता का प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समान नागरिक संहिता मुसलमान को हर्गिज मंजूर नहीं है। केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को समाप्त करने की साजिश मत करे। इसके लिए कमेटी गठित कर हस्ताक्षर अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
रविवार को मुस्लिमों की बैठक में मुस्लिम सियासी व समाजी तंजीमों की तरफ से तीन तलाक का मुद्दा बनाने पर विधि आयोग के खिलाफ आवाज उठाई गई। मौलाना एजाज अहमद नूरी ने कहा कि केंद्र सरकार तीन तलाक का मुद्दा बनाकर मुसलमानों से संवैधानिक मजहबी आजादी छीनने की साजिश रच रही है। इसके विरोध में देश का मुसलमान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हर संभव मदद करेगा।
असलम शेर खां ने कहा कि केंद्र सरकार को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अनीस अंसारी और शाह फसीह मुजीबी ने कहा कि समान नागरिक संहिता हर्गिज मंजूर नहीं है। हाजी मुफ्फर हुसैन रहमानी ने कहा कि तीन तलाक का मुद्दा छेड़कर मुसलमानों की परीक्षा मत लो। हाजी दिलदार हुसैन ने एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। मौलाना मुख्तार आलम कादरी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल अनुचित है। इस दौरान जनजागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
अनस सिद्दीकी व रिजवान ताज ने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत खुलकर सामने आ गई। हाजी वारिस अली ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के बड़े आलिमों ने विरोध में सही वक्त पर सही कदम उठाया है। इस अवसर पर असलम अंसारी, मुख्तार टेनी, सरदार मीर खां, सुलेमान खां, रफी अहमद, मोहम्मद ताहिर खां, खुर्शीद अहमद, मुंशी नफीस हुसैन, नासिर अली, असलम कुरैशी, मोहम्मद हसीन, सैयद परवेज और हाजी अकरम आदि मौजूद रहे।