फर्रुखाबाद। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में आरोपी नगर पालिका के लिपिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी हैै।
जनपद कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ गांव बहबलपुर निवासी चौधरी अवधेश सिंह ने शील कुमार, सौरभ हजेला, सुधीर कुमार, सुरेश के खिलाफ 25 सितंबर 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि पिता बलराम सिंह ने 28 दिसंबर 1991 को शहर कोतवाली के मोहल्ला मनिहारी निवासी ज्ञान कुमार से एक जमीन का बैनामा करवाया था। तब से लेकर भूमि पर काबिज है।
इन लोगों ने नगर पालिका से ज्ञान कुमार की मृत्यु का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा लिया। इसमें ज्ञान कुमार की मृत्यु 18 अगस्त 1991 बताई गई। ज्ञान कुमार की मृत्यु 7 मार्च 1992 को हुई। उसके बाद शील कुमार ने जमीन 15 जुलाई 2022 को पुत्र सौरभ हजेला को दान में दे दी। इसमें सुधीर कुमार व सुरेश ने गवाही दी। पुलिस ने इस मामले में सौरभ हजेला व नंदकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना में मोहल्ला सुतहट्टी निवासी नगर पालिका के लिपिक नवनीत कनौजिया का नाम प्रकाश में आया।
पुलिस ने लिपिक नवनीत को पकड़ लिया। पूछताछ में नवनीत ने बताया कि रुपये के लालच में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया था। इसमें गवाहों से कोई शपथ पत्र नहीं लिया था। शपथ पत्र भी फर्जी तैयार किए गए थे। एसओ आमोद सिंह ने बताया कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में लिपिक को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।