अमृतपुर। गांव विरसिंहपुर में मुख्य मार्ग को अधूरा छोड़ दिया गया है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से मार्ग पर गंदा पानी व कीचड़ भरा है। गांव के लोगों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को बदबू के बीच जीवन जीना मजबूरी बना है। कीचड़ व गंदगी से बीमारी फैलने का भी डर बना रहता है।
विकास खंड राजेपुर के गांव विरसिंहपुर में ग्राम प्रधान ने गांव के मुख्य मार्ग को आधा ही बनवाया है। इस मार्ग पर जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं की है। ऐसे में मार्ग के दोनों ओर बने घरों से रोजाना निकलने वाला गंदा पानी रास्ते में भरा है।
इस मार्ग से बच्चे, बुजुर्ग एवं अन्य लोग मजबूरी में गंदे पानी से हो कर जाते हैं। गांव के जितेंद्र, रामकुमार, संजीव, कमलेश, जगन्नाथ, दिनेश आदि का कहना है कि आधी दूरी तक ही नाला व सड़क बनी है।
लगभग 400 मीटर सड़क व नाली अधूरी होने से कीचड़ व गंदगी बनी है। अधूरे काम को पूरा कराने के लिए वह लोग खंड विकास अधिकारी से कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन कई सुनवाई नहीं हो रही है।
विश्वनाथ सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान जान बूझकर इस रास्ते को नहीं बनवा रहे है। प्रधान उनके खेतों से नाला निकलवाना चाहते थे। जिसका उन्होंने विरोध किया। इसलिए नाला व सड़क अधूरी छोड़ दी गई है।
राजीव सिंह कहते हैं कि नाला व सड़क न बनने से सभी लोगों को गंदेे पानी से गुजरना पड़ता है। ग्राम प्रधान से कई बार कह चुके हैं। लेकिन सुन नहीं रहे है। इस गंदगी से घर के अंदर तक बदबू पहुंचती है। ऐसे में घर के अंदर बैठना मुश्किल होता है।
मुन्ना सिंह कहते हैं कि ग्राम प्रधान व वीडीओ की लापरवाही से सड़क व नाला नहीं बना है। रास्ते में पानी भरा होने से परेशानी होती है। खेतों को जाने के लिए गांव घूम कर जाना पड़ रहा है। ब्लाक में भी सुनवाई नहीं हो रही है।
अवनीश सिंह कहते हैं कि प्रधान ने उनके घरों के सामने जान बूझकर 400 मीटर सड़क व नाला नहीं बनवाया है। रास्ते में घरों का पानी भरा है। इस पानी से मच्छर पैदा हो रहे हैं। इनसे बीमारियां फैलने का भी अंदेशा है।
‘इस रास्ते का काम मनरेगा से कराया जा रहा था। पैसा न होने के कारण काम बंद हो गया है। पहले कच्चा काम हो जाए। इसके बाद इस रास्ते को भी बनवाया जाएगा।’ -
आशुतोष दुबे, ग्राम पंचायत सचिव
‘सड़क अधूरी होने व जलनिकासी की व्यवस्था न होने की जानकारी नहीं मिली है। काम बीच में क्यों छोड़ा गया है। वह पूरे मामले की जानकारी करके उसे जल्द से जल्द पूरा करा देंगे।’ - श्रीप्रकाश उपाध्याय, खंड विकास अधिकारी राजेपुर