फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री की सभा में जनपद के सभी विधायकों व सांसदों ने गंगा पर तटबंध बनाने की मांग रखी। कहा कि पहले बाढ़ 10-15 दिन के लिए आती थी और निकल जाती थी। अब तो एक से दो महीने तक किसानों को तबाह कर रही है। हर वर्ष बाढ़ से करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा की सिल्ट सफाई कराने के साथ तटबंध बनाने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। कहा कि इसमें किसानों के भी सहयोग की जरूरत होगी। जिस किसान की तटबंध में भूमि जाएगी उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा।
अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए गंगा किनारे तटबंध ही उपाय है। इसके साथ ही गंगा की सिल्ट निकालकर गहराई बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बिजली बंद कर दी जाती है। इससे पीड़ितों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। इसके लिए उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सोलर प्लांट लगवाने की मांग की।
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने कहा कि जब भी हम या हमारे जिले के विधायक लखनऊ गए तो मुख्यमंत्री ने हमेशा बाढ़ राहत की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए जिले को लिंक एक्सप्रेसवे दिया। उन्होंने बाढ़ से निजात के लिए पांचाल घाट से 40 किलोमीटर बाईं ओर व 40 किलोमीटर कमालगंज तक दाईं ओर गंगा किनारे तटबंध बनाने की मांग की।
कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि ने कहा कि बाढ़ से किसानों की उम्मीदें टूटती हैं। इससे निजात के लिए बदायूं तक गंगा किनारे तटबंध बनाया जाना ही स्थायी समाधान होगा। उन्होंने सपा को भी घेरा। बोले- पहले माफिया राशन बेच देते थे। अब वही गरीबों तक पहुंच रहा है। बाढ़ की आपदा में शिक्षक शरणालयों में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें दवा वितरित कर रही हैं। विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने भी विचार रखे।
सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि बाढ़ का लंबे समय तक बने रहने का प्रमुख कारण गंगा की गहराई कम होना है। इससे पानी का फैलाव बढ़ रहा है और गांव में पहुंचने से जलभराव होता है। सांसद ने गंगा पर तटबंध बनाने के साथ ही गंगा की गहराई बढ़ाने की भी मांग की।
मंच पर संगठन जिला प्रभारी शिवमहेश दुबे, एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी, पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल, पूर्व विधायक अमर सिंह खटीक, कुलदीप गंगवार, जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, भूदेव राजपूत, सत्यपाल सिंह, अमरदीप दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव व उनके पिता पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।