इटावा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे वाहनों से उतरकर जाते लोग।
- फोटो : कस्बा में निर्माणाधीन नाला।
फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर पुलिस की सभी व्यवस्थाएं धरी रह गईं। एसपी की ओर से नो व्हीकल जोन घोषित होने के बाद भी 10 किमी लंबा जाम करीब तीन घंटे तक लगा रहा। पैंटून पुल पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रुक रही थी। चिलचिलाती धूप में वाहनों में फंसे यात्री पैदल ही हाईवे पर चल दिए।
गंगा दशहरा पर स्नान करने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंचे। पुलिस ने वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई। इटावा-बरेली हाईवे के किनारे मैदान पर गैर जनपदों से आने वाले वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई थी। बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई आदि जनपदों की ओर से आने वाले वाहनों को जमापुर, चाचूपुर में बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया।
शहर की ओर से पांचाल घाट की ओर जाने वाले वाहनों को पराग दूध डेयरी के पास तथा हाईवे पर आरा मशीन के पास बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। सुबह नौ बजे तक पुलिस भी सड़क पर मुस्तैद दिखी। इसके बाद जैसे-जैसे सूर्य की तपिश बढ़ती रही, वाहनों का दबाव भी बढ़ता चला गया। पांचाल घाट स्थित पेट्रोल पंप के आगे बैरिकेडिंग से जाम लगना शुरू हुआ तो बढ़ता ही चला गया।
वाहनों का रेला गंगा पुल के दोनों ओर लगा रहा। करीब 10 किमी लंबा जाम तीन घंटे तक रहा। टेंपो और ट्रैक्टर में बैठे यात्री गर्मी और तेज से धूप से बिलबिला उठे। लोग वाहनों से उतरकर पैदल ही गंतव्य की ओर चल दिए। जाम में फंसे वाहनों के कारण हाईवे पर पैर रखने का स्थान तक नहीं बचा।
डेढ़ घंटे जाम में फंसी रही एंबुलेंस
लोहिया अस्पताल से 102 एंबुलेंस मरीज लेने के लिए राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र के भरखा गांव के लिए रवाना हुई। इटावा-बरेली हाईवे पर जाम अधिक होने के चलते एंबुलेंस डेढ़ घंटे तक फंसी रही। थक हारकर एंबुलेंस चालक वाहन को वापस लौटा ले गया। चालक ने बताया कि वह मरीज लेने के लिए जा रहा था, लेकिन जाम अधिक होने के चलते उसे लौटना पड़ा।
जाम के झाम में फंसे श्रद्धालु
शमसाबाद। ढाई घाट गंगा तट पर गंगा स्नान करने आए स्नानार्थियों को कड़ी धूप में जाम का झाम झेलना पड़ा। शमशाबाद चौराहे से ढाई घाट पुल तक जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए मशक्कत की। जनपद मैनपुरी, एटा, जैथरा, अलीगंज, कायमगंज, मेरापुर सहित काफी दूर-दूर से ट्रैक्टरों और कारों से स्नान करने श्रद्धालु पहुंचे थे। (संवाद)