पोस्टमार्टम हाउस में रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मोहम्मदाबाद इलाके में तीन दिन पहले सड़क हादसे में मारे गए महिला व किशोर मां-बेटे निकले। सोमवार को दोनों के शवों की शिनाख्त परिजनों ने आकर की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराया।
जिला मैनपुरी थाना भोगांव के गांव मौजेपुर हवलिया निवासी मनोज कठेरिया भोगांव थाने में चौकीदार है। मनोज की पत्नी वेदवती (35) और बेटा विक्रम (11) रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के लिए थाना जहानगंज के गांव रतनपुर आए हुए थे। 20 अगस्त को मां-बेटा टेंपो में बैठकर वापस हवलिया जा रहे थे। जब टेंपो मोहम्मदाबाद के गांव गैसिंगपुर के पास से गुजर रहा था, तभी पीछे से आ रही रोडवेज बस की चपेट में आकर टेंपो बेकाबू होकर पलट गया था।
इस हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई थी। शिनाख्त न होने पर शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही लोहिया अस्पताल में रखवा दिया था। इधर, पत्नी के घर न पहुंचने पर पति मनोज कुमार ने इसकी जानकारी अपनी ससुराल वालों से फोन कर किया तो पता चला कि वेदवती शनिवार की सुबह ही घर से निकल गई थी।
इसके बाद मायके वालों ने दोनों की खोज शुरू की। इस दौरान परिजनोें को पता चला कि गैसिंगपुर के पास हुए हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। इसकी के बाद मृतका का भाई घनश्याम और पति के अलावा परिवार के अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां पर परिजनों ने पता किया तब उन लोगों को शवों को दिखाया गया। इसके बाद शवों की शिनाख्त हो सकी।
शवों को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। पति ने बताया कि उसके तीन लड़कियों और तीन बेटों में एक की मौत हो गई। शवों को देखकर हर किसी की आंख नम थी। गांव के लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन इसकी किसी को जानकारी नहीं हो पाई।