बेसिक शिक्षा विभाग को गिहार बस्ती लकूला के सर्वे में 178 परिवार मिले हैं
जबकि जनसंख्या लगभग 1031 हैं। यहां रहने वाले अधिकांश लोग निरक्षर हैं।
बस्ती की गलियां और नालियां टूटी होने से हर समय पानी भरे रहने से गंदगी
पसरी रहती है। इससे निजात को डूडा व पालिका की ओर से गलियों और नालियों का
निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है। बस्ती में
चार सहायता समूह का गठन किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गिहार
बस्ती लकूला कच्ची शराब बनाने के लिए बदनाम है। यहां का चौमुखी विकास
कराने की पहल चल रही है। जिलाधिकारी एनकेएस चौहान के आदेश पर बीएसए ने
बस्ती का सर्वे कराया है। इसमें पता चला कि बस्ती में 178 परिवार निवास
करते हैं। जनसंख्या 1031 है जिसमें 95 फीसदी लोग निरक्षर मिले। यह शराब के
कारोबार से जीवनयापन करते हैं। सर्वे रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
योगराज सिंह ने जिलाधिकारी को भेज दी है।
जिलाधिकारी के आदेश पर अधिकारियों
ने गिहार बस्ती के लोगों के सामाजिक विकास की कवायद शुरू कर दी है। पीडी
डा. डीआर विश्वकर्मा ने बताया कि बस्ती में चार स्वयं सहायता समूहाें का
गठन किया जाएगा। इसके लिए जयहिन्द जन कल्याण समिति डूडा की ओर से रविवार को
सर्वे किया गया है। सोमवार को बस्ती में लोगों से दोबारा मुलाकात की
जाएगी। इनसे वार्ता करने के बाद समूह का गठन किया जाएगा।
बस्ती में पक्के
मकानों का निर्माण एवं अन्य विकास कार्य शासन से स्वीकृति मिलते ही शुरू
हाेेंगे। रोजगार के लिए लघु उद्योगों की स्थापना होगी। बीएसए ने बताया कि
सर्वे में बस्ती की अधिकांश गलियां और नालियां टूटी मिलीं। इनका निर्माण
डूडा व पालिका की ओर से कराए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
पहले पीडब्लूडी विभाग से कार्य कराने के लिए प्रस्ताव बनाया गया था।
पीडब्लूडी का क्षेत्र न होने के कारण डूडा व पालिका से विकास कार्य कराए
जाने का प्रस्ताव बनाया गया है। निरक्षरों को साक्षर भारत मिशन के तहत
साक्षर किया जाएगा। बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल का निर्माण होगा।