फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर निजीकरण के विरोध में जनसंपर्क करते नरमू के पदाधिकारी व सदस्य।
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रेलवे के निजीकरण के विरोध में चलाए जा रहे विरोध सप्ताह के तहत रेलवे स्टेशन पर एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के पदाधिकारियों ने जनजागरण कर गेट मीटिंग की। कहा कि संसद में प्रधानमंत्री, रेल मंत्री के आश्वासन के बाद भी निजीकरण करने को एंपावर्ड ग्रुप का गठन कर दिया है।
नरमू के केंद्रीय उपाध्यक्ष एके द्विवेदी ने कहा कि एंपावर्ड ग्रुप में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, ट्रैफिक मेंबर, इंजीनियरिंग, इकोनोमिक अफेयर डिपार्टमेंट के सचिव, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर के सचिव शामिल हैं। इसमें 50 रेलवे स्टेशनों और 150 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपा जाएगा। हवीबगंज रेलवे स्टेशन और तेजस ट्रेन उदाहरण हैं।
यही नहीं मालगाड़ियां, रेलवे अस्पताल, स्कूल आदि भी निजीकरण के दायरे में हैं। कारखानों पर पहले ही फैसला हो चुका है। विरोध के बावजूद वापस नहीं हुआ है। कहा कि इस निजीकरण का विरोध हर स्तर पर होना ही चाहिए। संगठन रेलवे का विकास चाहता है, मगर इस कीमत पर मंजूर नहीं है।
कहा कि यह देश की बढ़ती बेरोजगारी को बढ़ावा देने वाला कदम है। संगठन नहीं चाहता कि देश के युवा बेरोजगार हों। मंडल उपाध्यक्ष धर्म सिंह मीना, शाखा मंत्री अनुज कुमार, मुदित वर्मा, अजय शंकर त्रिपाठी, ओमप्रकाश, गौरव सैनी, जाकिर मियां, ब्रजेश कुमार, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।