शासन के निर्देश पर जरूरतमंद प्रवासियों को मनरेगा से रोजगार दिया जाना है। लेकिन इसमें कई रुकावटें आ रही हैं। लॉकडाउन के कारण कमालगंज क्षेत्र में अब तक 20 हजार से अधिक प्रवासी अपने गांव लौट चुके हैं। इससे कर्मचारियों की कमी हो गई है।
क्षेत्र पंचायत कार्यालय में स्थापित मनरेगा सेल में कर्मचारियों की कमी है। कुछ ब्लाकों में 3 से 4 आपरेटर हैं जबकि कमालगंज में केवल एक आपरेटर ही है। इससे एस्टीमेट नहीं बन पा रहे हैं।
नेटवर्क की समस्या भी आ रही है। अब हर गांव में 50 के बजाय 65 लोग मनरेगा में काम कर सकेंगे। जिन गांवों में काम चल रहा है उनमें से कई में मजदूरों से मास्क या मुंह में अंगौछा आदि बांधे बिना ही काम कराया जा रहा है।
जीरागौर गांव में भी सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना काम हो रहा है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप यादव का कहना है कि कर्मचारी बढ़ाए जाएंगे। अब काम तेजी से हो रहा है।