कायमगंज। शमसाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुआं खेड़ा वजीर आलम के मजरा चंगामई-गंगईया गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। इसके बावजूद, करीब तीन माह पहले विधायक निधि से गांव में हाईमास्ट लाइट लगवा दी गई। बिजली के अभाव में ये लाइटें किसी काम की नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों में निराशा है।
यह गांव वर्ष 1957 में बाढ़ में कटने के बाद सड़क किनारे बसा था। समय के साथ ग्रामीणों को अन्य सरकारी सुविधाएं तो मिलीं, लेकिन बिजली से वंचित रहा। कायमगंज डिवीजन के अधिकांश गांवों में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण हो चुका है। हालांकि, चंगामई-गंगईया गांव इससे अछूता है, जबकि गांव के बीच से हाईटेंशन लाइन गुजरती है। शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे जंगली जानवरों का डर रहता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, कुछ को रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों के घरों में फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन जैसे उपकरण आज भी पैक रखे हैं। पेयजल व्यवस्था और जल जीवन मिशन की योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, पर समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों की परेशानी और उम्मीदें
ग्रामीण अरविंद वर्मा ने बताया कि गांव में करीब 450 मतदाता और एक हजार की आबादी है। अन्य सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन बिजली नहीं है। बिजली न होने से उनके और अन्य बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ रहा है। ग्रामीण सुरेश ने बताया कि कुछ लोगों ने घरों में सोलर प्लेट लगवा रखी हैं, जिससे रोशनी और मोबाइल चार्ज करने का काम चलता है। उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी गांव के लिए जब यहां से हाईटेंशन लाइन डाली जा रही थी, तो ग्रामीणों को विद्युतीकरण की उम्मीद थी।
विद्युतीकरण का प्रस्ताव और जांच
कायमगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता शिवशंकर ने बताया, सात माह पहले एलओएचएस योजना के तहत गांव के विद्युतीकरण का प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया था। उन्होंने जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई, जिसके बाद काम शुरू होगा। शिवशंकर ने स्पष्ट किया कि सौभाग्य योजना में कम आबादी के कारण गांव का विद्युतीकरण नहीं हो सका था। अब यह एलओएचएस योजना के तहत किया जाएगा। विधायक सुरभि ने कहा, बिना बिजली वाले गांव में हाईमास्ट कैसे लगी, इसकी जानकारी की जाएगी।