पिछले दो दिन से लापता अधेड़ का शव रजीपुर के पास मक्का के खेत में सोमवार को पड़ा पाया गया। उधर शव पड़े होने की सूचना थाने पहुंची और इधर लापता अधेड़ का भाई थाने में गुमशुदगी की सूचना देने पहुंच गया। उसने जब पुलिस के साथ मौके पर जाकर देखा तो उसने मृतक की पहचान अपने भाई के रूप में की।
थाना जहानगंज के गांव बिंजी के रहने वाला जबर सिंह उर्फ जयवीर (45) पुत्र छबिनाथ 3 सितंबर को अपनी मौसी के यहां रह रही नानी की मौत पर गांव मूसाखिरिया पहुंचा था। इसके बाद वह वहां से अपने साढ़ू कश्मीर निवासी खूटादेव थाना कमालगंज के यहां चला गया।
इसी दिन शाम को जयवीर के पुत्र अंकज से उसकी मोबाइल पर बात हुई और जयवीर ने कहा कि वह देर शाम तक घर पहुंच जाएगा लेकिन वह दो दिन तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। इस पर जयवीर के भाई अजीत सिंह थाना कमालगंज पहुंचे और उन्होंने अपने भाई के 3 सितंबर से लापता होने की जानकारी पुलिस को दी।
इसी दौरान थाने में खबर पहुंची की रजीपुर के पास अमरनाथ के मक्का के खेत में शव पड़ा हुआ है। पुलिस अजीत सिंह को अपने साथ लेकर जब घटनास्थल पर पहुंची तो अजीत सिंह शव को देखकर चीख पड़ा और कहने लगा कि यही उसका भाई है। घटना की सूचना पाकर अजीत सिंह की मां ज्ञानवती और पत्नी मौके पर पहुंचीं।
घटनास्थल पर हाहाकार मच गया। जयवीर का शव अर्द्घनग्न अवस्था में पड़ा था और उसकी मोटरसाइकिल तथा 10 हजार रुपये गायब थे। राइफल का लाइसेंस उसकी जेब में पड़ा था। मृतक के भाई अजीत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पिंकी पुत्री रामगोपाल और उसके प्रेमी रंजीत पुत्र कुंवरपाल निवासी खूटादेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।