फर्रुखाबाद। मीटर बदलने पर उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पुराने मीटर की जगह नया मीटर लगाने पर कर्मचारी उपभोक्ताओं से वसूली करते हैं। इसके बाद बिल में मीटर की कास्ट जुड़कर आने पर उपभोक्ताओं को मीटर की कीमत विभाग में जमा करनी पड़ती है।
मीटर खराब होने, टूटने, तार कटने या पुराने की जगह नया मीटर लगवाने पर उपभोक्ताओं को दोहरी रकम चुकानी पड़ रही है। मीटर लगाने का काम ठेकेदारों के पास है। इनके कर्मचारी मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से 200 से 500 रुपयों तक की वसूली करते हैं। इसका विरोध करने पर नए मीटर के कागज कंप्यूटर पर चढ़वाने, सही रीडिंग आने की बहाना कर गुमराह कर वसूली करते हैं।
नया मीटर लगने के बाद आने वाले बिल में मीटर की कास्ट जुड़कर आती है। इसे विभाग में उपभोक्ता को चुकाना पड़ता है। इस तरह उपभोक्ताओं को मीटर बदलवाने पर दोहरी मार झेलनी पड़ती है। इस तरह की अवैध वसूली का खेल ठेकेदार के कर्मचारी जोरों पर कर रहे हैं।
याकूतगंज निवासी सुनील यादव के घर से बिलिंग करने वाला कर्मचारी मीटर गड़बड़ होने से बिल गलत बताकर सही कराने के नाम पर पांच सौ रुपये वसूल लाया। इसकी शिकायत सुनील ने विभागीय अधिकारियों से की। इसके बाद भी मीटर सही नहीं हुआ। इस तरह ग्रामीण और शहरी इलाकों में मीटर लगाने और बिल सही कराने के नाम पर कर्मचारी अवैध वसूली कर रहे हैं।
एईआर शहरी अरुणेंद्र प्रताप ने बताया कि मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से रुपये लेने की कुछ शिकायतें मिली हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने के नाम पर अगर कोई कर्मचारी रुपये मांगता है तो उपभोक्ता बिल्कुल रुपये न दें। दबाव बनाने पर कर्मचारी की सीधे शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मीटर लगाने का कर्मचारी को विभाग की ओर से ठेकेदार के माध्यम से भुगतान किया जाता है।