पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल, चेयरमैन वत्सला अग्रवाल को राखी बांधती बहनें
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फर्रुखाबाद। पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल एक, दो नहीं, सैकड़ों बहनों के मुंह बोले भाई हैं। रक्षाबंधन पर इन्हें राखी बांधने के लिए दूर दराज से तमाम बहनें आती हैं। इसमें हिंदू ही नहीं बड़ी संख्या में मुस्लिम बहनें भी होती हैं। खासबात यह है कि राखी बांधने आने वाली बहनों को वह रस्मों रिवाज से विदाई भी करते हैं। इस काम में इनकी पत्नी वत्सला अग्रवाल भी साथ होती हैं।
पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल और नगर पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल हर साल सामूहिक विवाह का आयोजन करते हैं। इसमें हिंदू लड़कियों की भांवरें पड़ती हैं तो मुस्लिम लड़कियों का निकाह होता है। सामूहिक विवाह का पूरा खर्चा वह खुद उठाते हैं। सामूहिक विवाह में जिन लड़कियों की शादी होती है, वे रक्षाबंधन पर मनोज अग्रवाल को राखी बांधने आती हैं। ऐसे में सालों साल राखी बांधने आने वाली बहनों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इस साल भी रेलवे रोड स्थित सभागार में सुबह से ही राखी बांधने आने वाली बहनों की भीड़ लगी रही। पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल अपनी पत्नी चेयरमैन वत्सला अग्रवाल के साथ हाल में पहुंचे तो बहनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद एक-एक कर मनोज व उनकी पत्नी को राखी बांधा। राखी बंधवाने के बाद अग्रवाल दंपति ने पूरे रस्मों रिवाज के साथ बहनों को विदाई दी।
बहादुरगंज तराई की रहने वाली मदीना का कहना है कि मनोज अग्रवाल की वजह से उसका निकाह बड़े धूमधाम से 2015 में शमसाबाद में हुआ। वह पहली बार राखी बांधने के लिए आई है। पहले मुंहबोले भाई मनोज को राखी बांधेंगी और फिर घर जाकर अपने सगे भाइयों को। फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली निवासी प्रीती चौरसिया का विवाह वर्ष 2015 में हुए समारोह में हुआ था। उसका कहना है कि वह भाई की खबर पाते ही सुबह ही चली आई। प्रीती ने बताया कि उसकी शादी इटावा जिले में हुई है, इतनी दूर से भाई व भाभी को राखी बांधने आई हैं।