फर्रुखाबाद। दबंगई में एक युवक को गोली मारकर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अभिनितम उपाध्याय ने दोषी अनिल यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
जबकि दूसरे युवक प्रवीण उर्फ नन्हें को नाजायज हथियार रखने में पांच साल कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्य न मिलने पर छह आरोपी बरी किए गए।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला रकाबगंज निवासी शारदा पत्नी सुभाष गिहार ने पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 27 सितंबर 2021 की दोपहर में उनका पुत्र शिवा उधारी के रुपये लेने दिलदार निवासी मोहल्ला ढुइयां के घर गया था। दिलदार के न मिलने पर शिवा घर लौट रहा था।
रास्ते में चुंगी के पास पहुंचने पर आरोपी मिल गए।इस पर शिवा ने मोबाइल से अपने दोस्त राजा को फोन किया। दोस्त राजा और अनूप स्कूटी से मौके पर पहुंचे।
मौके पर अजय व सुशील पुत्रगण सुरेश गिहार निवासी रकाबगंज और अनिल यादव निवासी अमिलापुर ने सुरेश गिहार के कहने पर शिवा पर तमंचों से फायर कर दिया। वहीं प्रदीप, शनि पुत्रगण लालाराम, अनुज व सोनू ने भी फायरिंग की। गोली लगने से शिवा की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने अजय, सुशील, अनिल यादव, सुरेश गिहार, प्रदीप, शनि, अनुज व सोनू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
विवेचक ने विवेचना के दौरान अनिल यादव के साथ प्रकाश में आए शीलू यादव व प्रवीण उर्फ नन्हें के खिलाफ हत्या के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों को भी तलब कर लिया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए अनिल यादव को दलित हत्या करने में उम्र कैद की सजा सुनाई। दोषी पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न अदा करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
वहीं प्रवीण उर्फ नन्हें यादव को नाजायज हथियार रखने के मामले में दोषी ठहराते हुए ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई। अदालत ने अजय, सुशील, प्रदीप, शनि, अनुज व सोनू को अदालत ने दोष मुक्त कर दिया। मुकदमे की सुनवाई से लगातार गैर हाजिर चल रहे सुरेश गिहार व शीलू यादव की फाइल अलग कर दी गई।