चित्रकूट। घर में घुसकर तमंचा के बल पर अकेली महिला से दुष्कर्म के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई। 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र का है।
एक गांव निवासी महिला ने 11 सितंबर 2021 को पुलिस को सूचना दी कि उसके पति काम के सिलसिले से बाहर रहते हैं। 10 सितंबर की रात को वह घर पर सो रही थी। रात करीब दो बजे गांव का ही राजू उर्फ समसुद्दीन आया और तमंचा के बल पर दुष्कर्म किया। किसी तरह उसने शोर मचाया तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना करते हुए तत्कालीन एसआई तपेश मिश्रा ने पीडिता के बयान व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया। तीन दिसंबर को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं। बयान व साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव ने दोषी राजू को सजा दी।
तमंचा के दोषी तीन साल की सश्रम कैद
तमंचा के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने तीन साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव ने मानिकपुर थाना में दर्ज तमंचा के वाद में कई दिन पहले सुनवाई पूरी कर ली थी और आरोपी को दोषी करार दे दिया था। बुधवार को प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के एनटीपीसी मिश्रा पुरवा निवासी राजकुमार कोल को सजा सुनाई।