फर्रुखाबाद। ठंडी सड़क के निर्माण के लिए फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो अभी तक बजट पास नहीं हो सका है। विधान सभा चुनाव के चलते दो माह बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे बजट का मामला लटक सकता है। ऐसे में सांसद को दी गई निर्धारित अवधि में सड़क का निर्माण कार्य शुरू होना मुश्किल है।
ठंडी सड़क मार्ग सालों से जर्जर है। वर्ष 2013 से लेकर अब तक तीन बार प्रस्ताव बनवाकर शासन को भेजा जा चुका है लेकिन बजट पास नहीं हो पा रहा है। 31 अगस्त को सत्ताधारी सदर विधायक विजय सिंह ने शीघ्र ही पीडब्लूडी मंत्री से वार्ता कर बजट मंजूर करवाने की बात कही थी।
सर्वोदय मंडल के नेता लक्ष्मण सिंह ने 8 सितंबर को ठंडी सड़क पर जलभराव में लेटकर विरोध जताते हुए सड़क बनवाने की मांग की थी। चेतावनी भी दी कि आचार संहिता लागू होने से पहले निर्माण कार्य शुरू न कराया तो आंदोलन तेज करेंगे।
जरूरत पड़ी तो आत्मदाह भी करेंगे। इसके बाद ठंडी सड़क मुद्दे को लेकर 14 सितंबर को सांसद मुकेश राजपूत के नेतृत्व में भाजपाइयों ने ठंडी सड़क तिराहे पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंक, जाम लगाकर धरना-प्रदर्शन किया था।
सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह और पीडब्लूडी के एक्सईएन विपिन पचौरिया ने मौके पर पहुंच 31 अक्तूबर तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया तो सांसद ने यह चेतावनी देते हुए जाम खोला था कि अगर निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य शुरू न कराया गया तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इतना सब होने के बावजूद जिला प्रशासन, पीडब्लूडी विभाग और जनप्रतिनिधियों के कानोें में जूं नहीं रेंगी। सूत्रों की मानें तो अभी तक बजट पास नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल यह है कि आगामी विस. चुनाव के चलते दो माह बाद चुनाव आचार संहिता लग जाएगी, जिसके चलते नए निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। इससे लग रहा है कि ठंडी सड़क बनने में शहरियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।