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संगठन की गरिमा बनाए रखने का संकल्प

Sun, 15 Nov 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फर्रुखाबाद।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। तहसील सदर में हुए आयोजन में लेखपाल फिल्मी गीतों और गजलों की खुमारी में डूबे रहे। लेखपालों ने संस्था की गरिमा बनाए रखने का संकल्प दोहराया। साथ ही लेखपालों ने आपबीती बयान कर खट्टी-मीठी यादें ताजा कीं। रिटायर्ड साथियों को सम्मानित किया गया।
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शनिवार को जिला इकाई ने लेखपाल संघ का स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में तीनों तहसीलों के लेखपालों ने शिरकत की। रिटायर्ड लेखपालों का नए व पुराने साथियों से मिलन हुआ। कार्यक्रम का आगाज ईश वंदना से हुआ। इसके बाद लेखपालों के बीच फिल्मी गीतों और गजलों का दौर चला।


अवनीश शाक्य ने फिल्मी गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नीरज शुक्ल ने-  दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई, गीत सुनाया। रिटायर्ड कानूनगो मुजीबुल हसन ने कलाम पेश किया, वतन में हिंदू-मुस्लिम सिख ईसाई सब मिलकर रहते हैं। छैल बिहारी ने गजल सुनाई।
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मुख्य अतिथि तहसीलदार आरपी चौधरी ने कहा कि लेखपाल प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। समारोह को रामप्रकाश त्रिपाठी, सोबरन सिंह, तेजराम यादव ने संबोधित किया। जिलाध्यक्ष सैदमीर खां ने कहा कि लेखपालों के लिए 14 नवंबर गर्व का दिन है। संचालन जिला मंत्री शिवकुमार शाक्य ने किया।


इस अवसर पर भगवान लाल कुशवाहा, विजय कुमार, बलवीर सिंह, श्यामबाबू, महेश्वर सिंह, सर्वेश अंबेडकर, संजय सिंह, राहुल सिंह, जाहर सिंह, महावीर प्रसाद, हरेंद्र सक्सेना, प्रमोद सिंह, जाकिर और रजत कुमार मौजूद रहे।


सम्मानित रिटायर्ड लेखपाल व कानूनगो- तहसील सदर में आयोजित लेखपाल संघ के स्थापना दिवस पर दो दर्जन लेखपालों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। रिटायर्ड कानूनगो मुजीबुल हसन के अलावा लेखपाल छैल बिहारी, रामनरेश, कृपाल सिंह, ओमप्रकाश, रामगुलाम, कालीचरण, फतेहचंद्र, वेदराम, नेमचंद्र और नरेश सिंह को सम्मानित किया गया।
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