फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे के वकील की अंतरिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। माफिया के 50 हजार के इनामी फरार भाई के मुकदमे की फाइल बीबीगंज चौकी से चोरी करने की साजिश का वकील पर आरोप लगाया है। मऊदरवाजा थाने में तैनात दरोगा बलवीर सिंह ने फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया अनुपम दुबे के 50 हजार के फरार इनामी भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, मोहल्ला मछलीटोला निवासी वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री उर्फ टिल्लू, मोहल्ला गोला कोहना निवासी नोटरी वकील राजीव कुमार व गांव याकूतगंज निवासी स्टांप वेंडर ज्ञान प्रकाश गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि डब्बन के बिना आए वकील ने उसके हस्ताक्षर प्रमाणित कर मुकदमे में शपथ पत्र दाखिल कर दिया। नोटरी वकील ने भी डब्बन को देखे बिना हस्ताक्षर कर दिए। इस मुकदमे की जांच तत्कालीन बीबीगंज चौकी इंचार्ज स्वदेश कुमार कर रहे थे। चौकी से डब्बन दुबे के मुकदमे की फाइल चोरी हो गई।
फाइल चोरी के मामले में दरोगा बलवीर ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को जेल भेजकर फाइल बरामद कर ली थी। पकड़े गए युवक ने बताया कि वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री तीन अन्य साथियों के साथ आए और फाइल चोरी करने के लिए एक हजार रुपये दिए थे।
पुलिस ने बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री को मुकदमे में आरोपी बनाकर सीओ सिटी की अगुवाई में दबिश मारी थी। लेकिन वकील बृजेंद्र मोहन मौके पर नहीं मिले।
वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री की ओर से कोर्ट मेकं अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद वकील की ओर से दाखिल अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।