फर्रुखाबाद। मदरसा छात्रवृत्ति घोटाले में शासन स्तर से चल रही जांच में एसडीएम सदर के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। इस संबंध में सोमवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कानपुर के उपनिरीक्षक ने एसडीएम को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में 33 मदरसा संचालकों ने बिना छात्रावास के ही हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर ली थी। मामले का खुलासा होने पर अधिकारियों ने मदरसा संचालकों को मदरसा परिषद बोर्ड के खाते में हास्टलर छात्रवृत्ति जमा कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया था। कम छात्र संख्या वाले मदरसा संचालकों ने धनराशि जमा कर दी थी। 100 से अधिक छात्र संख्या वाले संचालक ने धनराशि जमा नहीं की। इस पर जिलाधिकारी के आदेश पर मदरसा संचालक, प्रधानाचार्य के खिलाफ जहानगंज थाने में सवा करोड़ से अधिक धनराशि हड़पने की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मार्च 2020 में दर्ज कराई थी।
प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कानपुर को सौंपी गई है। सोमवार को विवेचनाधिकारी उपनिरीक्षक विजय मिश्रा की ओर से एसडीएम सदर अनिल कुमार को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया गया। इसमें एक सप्ताह के अंदर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन कानपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर बयान के लिए कहा गया है।
एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें नोटिस प्राप्त हुआ है। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने बताया कि वह 18 जून को अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। शासन स्तर से जांच चल रही है। यह भी बताया कि घपले की सवा करोड़ से अधिक धनराशि में से मदरसा संचालक ने कुछ धनराशि मदरसा बोर्ड के खाते में जमा भी कर दी है।