फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: 42 बेड की यूनिट में धूल फांक रहीं मशीनें, रेफर हो रहे बच्चे

Sat, 22 Nov 2025 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
विज्ञापन
फोटो-22 लोहिया अस्पताल में बनी 42 बेड की बच्चा यूनिट। संवाद
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। 28 दिन से ऊपर और 15 साल तक के बच्चों को अत्याधुनिक मशीनों से इलाज करने की मंशा से लोहिया अस्पताल में डेढ़ साल पहले 42 बेड की यूनिट बनाई गई।
विज्ञापन

इसमें नई तकनीक के बेड, मॉनीटर और वॉर्मर भी लगाए गए। मगर अभी तक बच्चों को लाभ नहीं मिला। तालों में कैद मशीनें धूल फांक रही हैं। जबकि अस्पताल आने वाले बच्चे रेफर हो रहे हैं।
लोहिया अस्पताल में बच्चों के इलाज के नाम पर खानापूरी की जा रही है। महिला अस्पताल में 28 दिन तक के बच्चों का इलाज एसएनसीयू में होता है, जबकि पुरुष अस्पताल में 17 साल तक के बच्चों के लिए आठ बेड का पीडियाट्रिक वार्ड है। इसमें मॉनीटर की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

ऐसे में हर रोज बीमारी हालत में आने वाले बच्चों में औसतन चार-पांच को रेफर करना मजबूरी है। इनमें गरीब लोगों के अधिकांश बच्चे होते हैं। इनको निशुल्क इलाज मुहैया करने की मंशा से 42 बेड की नई बच्चा यूनिट बनाई गई। इसमें डेढ़ साल पहले मॉनीटर युक्त 24 अत्याधुनिक बेड, बड़े बच्चों के लिए 12 वॉर्मर, हर बेड पर ऑक्सीजन के लिए अलग प्लांट, पांच बेड पर आईसीयू सुविधा युक्त मशीनें लगाई गईं। इसके बाद आज तक इस यूनिट का ताला नहीं खोला गया।
निर्माण के समय यूनिट में ही बच्चों की ओपीडी की मंशा थी। मगर जिम्मेदार अधिकारी स्टाफ की कमी का हवाला दे रहे हैं। वहीं, लोहिया महिला और पुरुष अस्पताल में छह बालरोग विशेषज्ञ समेत सात डॉक्टर तैनात हैं। महिला अस्पताल में डॉ. शिवाशीष उपाध्याय, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ, सुनील अग्रवाल, डॉ. खुशबू और पुरुष अस्पताल में डॉ. विवेक सक्सेना तैनात हैं।
इनके अलावा एसएनसीयू वार्ड में डॉ. कृष्णकुमार और डॉ. शिवम गुप्ता सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं। पुरुष अस्पताल में संविदा समाप्त होने के बाद डॉ. अनूप दीक्षित अवैतनिक काम कर रहे हैं। छह बालरोग विशेषज्ञ होने बावजूद यूनिट नहीं चल पा रही है।

लोहिया अस्पताल में आए 60 बीमार बच्चे
फर्रुखाबाद। सर्दी शुरू होते ही बच्चों में बीमारियों बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप दीक्षित ने 60 बच्चों को देखा। इनमें से चार को भर्ती करना पड़ा। उन्होंने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ ही बच्चों में खांसी-जुकाम हो रहा है। कुछ बच्चे कोल्ड डायरिया से भी पीड़ित होने लगे हैं। (संवाद)

-बच्चा यूनिट चालू करने के लिए स्टाफ की जरूरत है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। महिला और पुरुष अस्पताल के सामंजस्य से यूनिट चालू हो सकती है। इसमें बड़े अफसरों को बीच में आना होगा। उन्होंने स्टाफ के लिए लिखकर भेजा है।
विज्ञापन

-डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस लोहिया पुरुष अस्पताल।

फोटो-22 लोहिया अस्पताल में बनी 42 बेड की बच्चा यूनिट। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें