बोर्ड परीक्षा में नोटाें के बल पर परीक्षार्थियों को बोल-बोल कर नकल कराई
जा रही है। इसके लिए परीक्षार्थियों से फीस के नाम पर धन उगाही की गई है।
इस हकीकत के खुलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापक को
नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
बोर्ड परीक्षा में नकल
का पैटर्न बदल गया है। अब केंद्र पर शिक्षक प्रश्नपत्र देखने के बाद
कक्षों में जाकर प्रश्नों के उत्तर बोल-बोल कर हल कराते हैं। इसके लिए
छात्र-छात्राओं से धन लिया जाता है। सिटी मिशन गर्ल्स इंटर कालेज में इसी
तरह नकल कराने का मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने
परीक्षा केंद्र पर नकल के खेल की शिकायत मिलने पर केंद्र व्यवस्थापक को
नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा गया कि कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाली
छात्राओं से फीस के नाम पर चार सौ रुपये और कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं
से 650 रुपये प्रति छात्रा से वसूला गया है। परीक्षा के दौरान टीचर खुलेआम
पूरा पेपर पर्चियों के माध्यम से बोल-बोल कर हल कराती हैं। इसके लिए धन
वसूला गया है। नकल कराने का आरोप कई टीचराें पर लगाया गया है।
कक्ष
निरीक्षकाें को भी ‘समझकर’ शांत कर दिया गया है। इस मामले में साक्ष्य समेत स्पष्टीकरण देने का
आदेश दिया गया है। डीआईओएस ने बताया कि अगर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो
कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा समाप्ति पर पकड़ा नकलची
इंटर कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा समाप्त होने से
कुछ समय पूर्व केआर रस्तोगी इंटर कालेज में डीआईओएस के सचल दल ने एक
परीक्षार्थी को नकल के साथ पकड़ लिया। परीक्षार्थी को बुक कर दिया गया है।
सुबह की पाली में हुई कृषि वनस्पति विज्ञान की 19 और इतिहास प्रथम
प्रश्नपत्र की 143 ने परीक्षा छोड़ दी।
शुक्रवार को सुबह पाली में कृषि
वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्नपत्र और इतिहास प्रथम प्रश्नपत्र की
परीक्षा हुई। कृषि वनस्पति विज्ञान प्रश्नपत्र परीक्षा में पंजीकृत 200 में
से 181 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। 19 ने परीक्षा छोड़ दी। इतिहास
प्रश्न पत्र की परीक्षा में 1551 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
इसमें 1408
परीक्षा में शामिल हुए। 143 ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक
भगवत पटेल ने टीम के साथ परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पूर्व शहर के
परीक्षा केंद्र केआर रस्तोगी इंटर कालेज में छापा मारा। कमरा नंबर तीन में
एक लड़का कृषि वनस्पति विज्ञान के परीक्षार्थी से तलाशी के दौरान पर्ची
मिली। सचल दल टीम ने छात्र को बुक कर दिया।
कक्ष निरीक्षकों का टोटा बरकरार
बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की कमी समाप्त नहीं हो रही है। इस कारण
केंद्र व्यवस्थापकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग
के अफसर भी कक्ष निरीक्षकों की समस्या का समाधान करने में रुचि नहीं ले रहे
हैं। ड्यूटी करने के लिए कई शिक्षकों ने परीक्षा केंद्रों पर आमद नहीं
कराई है।
इस कारण कक्ष निरीक्षक का टोटा होने से परीक्षा के दौरान कई
परीक्षा केंद्रों पर एक-एक कक्ष निरीक्षक से परीक्षा कराई जा रही है।
केंद्र व्यवस्थापक लगातार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती किए जाने की मांग जिला
विद्यालय निरीक्षक से कर रहे हैं। सुनवाई न होने के कारण कक्ष निरीक्षकों
की समस्या जस की तस बनी हुई है।