ालदरवाजे पर सवारियां भरती डग्गामार बस।
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एआरटीओ कार्यालय में साधारण बस के पंजीकरण पर लग्जरी बसें दिल्ली रूट पर धड़ल्ले से चल रही हैं। बस माफियाओं ने पूरे सरकारी अमले को अपनी पकड़ में कर रखा है। रोडवेज को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है। एआरएम ने डीएम, एसपी व एआरटीओ को पत्र भेजकर दिवाली के दिन संयुक्त चेकिंग कराने के लिए कहा है।
जिले से दिल्ली रूट पर 50 से अधिक डग्गामार लग्जरी बसें चल रही हैं। इसमें अधिकांश का पंजीकरण साधारण बसों के रूप में है। एक वर्ष पहले इन बसों के खिलाफ तत्कालीन एसपी अतुल शर्मा ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। चालीस से अधिक बसों को सीज कर दिया गया था।
बस माफियाओं को हिदायत दी गई कि वे रोडवेज बस स्टेशन से एक किलोमीटर दूर से अपनी बसों का संचालन करेंगे। स्लीपर में पंजीकरण न होने पर कई बस संचालकों पर लाखों रुपये जुर्माना भी लगाया गया। कुछ दिन सब कुछ सही चला और इसके बाद संचालक फिर से पुराने ढर्रे पर आ गए। रोडवेज बस स्टेशन के बाहर ही बसों में सवारियां भरी जा रही हैं। इससे रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
रोडवेज के एआरएम अंकुर विकास ने डीएम मोनिका रानी, एसपी डॉ. अनिल मिश्रा व एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि इन डग्गामार बसों के खिलाफ दिवाली पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक डा. अनिल मिश्रा ने बताया कि पत्र आया है। जिलाधिकारी से वार्ता कर चेकिंग को टीम बनाई जाएगी।
जीएसटी बचाने को दिल्ली से आता सामान
व्यापारी जीएसटी बचाने को इन्हीं बसों से दिल्ली से सामान खरीद कर लाते हैँ। इन बसों में चेकिंग भी नहीं होती है। इससे व्यापारियों का माल सुरक्षित पहुंच जाता है।