तेज धूप से बचने के लिए छाता लगाकर जाती युवती।
- फोटो : तेज धूप से बचने के लिए छाता लगाकर जाती युवती।
सुबह से तेज धूप निकलने के बाद दोपहर को लू के थपेड़े चलने लगे। इससे लोग बेहाल हो गए, सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति बन गई। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकले। तेज धूप से आम आदमी के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही तेज धूप व उमस ने लोगों को जीना दुश्वार कर दिया है। रविवार को पारा 41 डिग्री पर पहुंच गया। सीजन में पहली बार लू के थपेड़े चले तो आम जनजीवन प्रभावित हो गया। रामनवमी की वजह से शहर में जगह-जगह भंडारे होने से सुबह तो कुछ भीड़ सड़कों पर दिखाई दी लेकिन दोपहर होते ही सन्नाटा पसर गया। दुकानदारों ने भी अपनी दुकान के शटर नीचे कर दिए। जो लोग घर से बाहर निकले उन्होंने गमछा या छाता का सहारा लिया। तेज धूप से पशु-पक्षी भी परेशान नजर आए। उन्हें जहां छांव दिखी वहीं बैठ गए। बस स्टैैैंड के पास यात्री गर्मी से बचने के लिए शिकंजी व कोल्ड ड्रिंक से अपना गला तर करते देखे गए।