जय गणेशा देवा, जय गणेशा देवा... की गूंज के बीच भगवान गणेश की विसर्जन यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यात्राओं में उड़ रहे अबीर-गुलाल ने लोग सराबोर नजर आए। कटरा डौरूनाथ की विसर्जन यात्रा में मुंबइया लुक नजर आया। महाराष्ट्र से आए बैंड और कलाकारों के परंपरागत नृत्य और मटकी फोड़ कार्यक्रम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंगलवार को कटरा डौरूनाथ से भगवान गणेश की विसर्जन यात्रा दोपहर बाद शुरू हुई। विसर्जन यात्रा से पहले महाराष्ट्र से आए जय महाराष्ट्र सांगली बैंड की मनमोहक धुनों पर लोग अपने कदम नहीं रोक सके। वहीं महाराष्ट्र से आए करीब 50 कलाकारों ने परंपरागत नृत्य प्रस्तुत किया तो उसे देखने के लिए छतों पर महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भीड़ लग गई।
इस दौरान नेहरू रोड पर बंधी मटकियों के फूटते ही लोगों ने गणपति बप्पा मोरया के जोरदार उद्घोष लगाए। यात्रा मुख्यमार्गों से होती हुई पांचाल घाट पहुंची, जहां विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा को भू विसर्जित किया गया। इस अवसर पर विजय देवकर, संजय मराठा, आनंद मराठा, गणेश मराठा, मुकुंद मराठा, सुरेश मराठा, विमल वर्मा, गनेश वर्मा, सिकंदर वर्मा, संतोष वर्मा, अलकेश और अशोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वहीं बजरिया शमसेर खानी से निकली विसर्जन यात्रा में डीजे की धुनों पर युवक-युवतियां और महिलाएं व बच्चे थिरकते हुए चल रहे थे। दिनेश, मुनीम, मुन्नी देवी, रामकिशन, आलोक कुमार और रामसिंह आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा टाउनहाल कांशीराम कालोनी, महावीर स्ट्रीट, रेटगंज, ग्राटगंज, नरकसा, रकाबगंज खुर्द, कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया समेत करीब 18 मोहल्लों से भगवान गणेश की विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। सभी विसर्जन यात्राओं का समापन पांचाल घाट पर हुआ। यहां भगवान गणेश की प्रतिमाएं भू विसर्जित की गईं।