चोरी के मुकदमे की आरोपी महिला ज्ञानश्री की गिरफ्तारी के जारी वारंट पर पुलिस ने छवीली को गिरफ्तार कर लिया। उसको ज्ञानश्री बनाकर जेल भेज दिया। पीड़िता की पड़ी जमानत अर्जी में इसका उल्लेख किए जाने पर सीजेएम ने महिला की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
उसको 17 सितंबर को अदालत में उपस्थित होकर खुद को छवीनी साबित करने का आदेश दिया है। गिरफ्तार महिला अगर छवीली साबित होती है तो पुलिस पर कार्रवाई होना तय है।
फतेहगढ़ के मोहल्ला नगलादीना निवासी सूर्य पाल सिंह ने वर्ष 1993 में भोलेपुर निवासी छंगेलाल की पत्नी ज्ञानश्री, इसके पुत्र महेश व कल्लू के खिलाफ धारा 380 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। वादी ने इसके खिलाफ अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने 1994 में फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर तीनों आरोपियों को तलब किया था। इनके खिलाफ पहले समन जारी किए गए। उपस्थित न होने पर वारंट जारी हुए। मुकदमे में लगातार अनुपस्थित चल रही ज्ञानश्री पत्नी स्वर्गीय छंगेलाल की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।
फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर 11 सितंबर 2016 को अदालत में पेश किया। रिमांड पर आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया। महिला ने वकील के माध्यम से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें महिला ने खुद को छवीली पत्नी सुरेशचंद्र गुप्ता बताया। इसमें कहा गया कि पुलिस ने उसको ज्ञानश्री के स्थान पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वह छवीली है, इस संबंध में सभासद रमलादेवी ने प्रमाण पत्र भी दिया है। उसने आधार कार्ड व अन्य अभिलेख भी जमानत प्रार्थना पत्र के साथ छवीली देवी के दाखिल किए। सीजेएम ने सुनवाई के बाद महिला की जमानत याचिका मंजूर करते हुए आदेश दिया कि 17 सितंबर को जांच के लिए महिला को अदालत में उपस्थित होकर अपने आप को ज्ञानश्री की बजाए छवीली साबित करना होगा।
अगर वह छवीली है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।