पाकिस्तानी शादाब अख्तर के लापता होने पर प्रशासन ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। वह चार माह से लापता है और पाकिस्तान भी नहीं पहुंचा है। ऐसे में उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
फर्रुखाबाद के कायमगंज पितौरा निवासी जावेद अख्तर आजादी के वक्त पाकिस्तान गए। वहां रागिया से शादी की । बेटा शादाब अख्तर व सोबिया के पैदा होने के बाद वापस कायमगंज लौट आए। कुछ समय बाद जावेद अख्तर की तबीयत खराब हुई तो उनकी पत्नी रागिया बेगम और पुत्री सोबिया, पुत्र शादाब अख्तर यहां आए। जावेद अख्तर की 17 अक्तूबर 2015 में मौत होने के बाद पत्नी व पुत्री वापस लौट गए, जबकि बेटा यहीं रुक गय
शादाब अख्तर की निगाह पिता की संपत्ति पर लगी थी। इसी बीच उसने खुफिया विभाग में लॉंग टाइम वीजा बनवाने और वीजा की अवधि बढ़ाने का खुफिया विभाग के अधिकारियों पर काफी राजनीतिक दबाव बनवाया। लेकिन खुफिया विभाग के अधिकारियों ने उसके वीजा का समय बढ़ाने के लिए संस्तुति नहीं की।
नतीजतन शादाब अख्तर का वीजा खत्म हो गया। वीजा खत्म होने पर जब खुफिया विभाग के अधिकारियों ने उस पर दबाव बनाया तो वह लापता हो गया। सूत्रों की मानें तो शादाब अख्तर के संबंध में भारतीय दूतावास के माध्यम से पाकिस्तान से जानकारी की गई है कि वह पाकिस्तान पहुंचा है अथवा नहीं। खुफिया विभाग के अधिकारियों के अनुसार शादाब पाकिस्तान नहीं पहुंचा है।
वह देश में ही कहीं छिपा हुआ है। पाकिस्तानी शादाब के एकाएक गायब होने से खुफिया एवं पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। खुफिया विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब पाकिस्तानी शादाब अख्तर के विरुद्घ लुकआउट सर्कुलर देश भर में जारी किया गया है और पूरे देश के खुफिया विभाग को सक्रिय किया गया है।
खुफिया विभाग के प्रभारी निरीक्षक सीपी सिंह का कहना है कि भारत का हर नागरिक उस पर नजर रखे और सूचना मिलने पर तत्काल प्रभाव से स्थानीय अभिसूचना ईकाई को अवगत कराए। पुलिस कप्तान राजेशकृष्ण से जब इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रह रहे भारतीय एंबेसडर से इस संबंध में संपर्क किया गया है और उसकी तलाश के लिए पुलिस एवं खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया गया है।