फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस की सरकारी आवास में घुसकर दो कर्मियों न पिटाई कर दी। पुलिस ने सीएमएस की तहरीर पर मुकदमे की बजाय एनसीआर दर्ज कर आरोपी चालक और माली को हिरासत में लिया। चिकित्सीय परीक्षण में शराब की पुष्टि हुई। घटना के बाद से डॉक्टरों में रोष है।
लोहिया अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे अपने आवास में थे। किसी ने गेट को धक्का दिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। सीएमएस ने जैसे ही गेट खोला, तो अस्पताल में तैनात चांदपुर निवासी माली दुर्गा (25) ने धक्का-मुक्की कर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके साथ ब्लड बैंक की एंबुलेंस का बढ़पुर निवासी चालक कृष्णकांत था जो मुख्य गेट पर खड़ा रहा।
शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। इस पर दोनों आरोपी वहां से भाग गए। कुछ ही देर में डॉ. श्रेय खंडूजा, डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी, फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह व अस्पताल के कर्मचारी पहुंच गए। सीएमएस ने डीएम और एसपी को फोन पर घटना की सूचना दी।
कुछ देर में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। रात में ही पुलिस ने इमरजेंसी के डॉ. किरीटी कनौजिया से डॉक्टरी परीक्षण कराया, जिसमें शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सीएमएस की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है। घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टरों में आक्रोश है।
डीएम से डॉक्टरों ने मांगी सुरक्षा
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त के नेतृत्व में डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला। डॉक्टरों ने सीएमएस के साथ हुई घटना पर आक्रोश व्यक्त किया। डॉक्टरों ने कहा कि सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई जाए। लोहिया परिसर में पुलिस चौकी, पिकेट की व्यवस्था की जाए।
डीएम ने समस्या समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी। डीएम से मिलने वालों में डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. श्रेय खंडूजा, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी आदि थे।
सीएमएस का हाल जानने नहीं पहुंचे प्रभारी सीएमओ
लोहिया अस्पताल के सीएमएस के साथ मारपीट की घटना होने के बावजूद प्रभारी सीएमओ रात में अस्पताल नहीं पहुंचे। यही नहीं डीएम से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल के साथ भी जाने की उन्होंने जरूरत नहीं समझी। इसकी लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों में खासी चर्चा रही।