फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद जनरेटर नहीं चलाया गया, लिहाजा मरीजों का इलाज मोबाइल की रोशनी में किया गया। इससे स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोहिया अस्पताल में चार बड़े जनरेटर लगे हैं। इन्हें बिजली जाने के बाद तुरंत चलाने के निर्देश हैं। बावजूद इसके इन्हें नहीं चलाया जाता। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। उस वक्त नेत्र विभाग में मरीजों की भीड़ लगी थी। नेत्र परीक्षक मशीन से जांच कर रहा था। बिजली जाने पर काफी देर जनरेटर नहीं चला।
लिहाजा उसने मोबाइल की टार्च जलाकर कमरे में रोशनी करके मरीजों की जांच की। करीब आधा घंटे बाद बिजली आने पर ही लोगों ने राहत की सांस ली। जनरेटर न चलने से अन्य कमरों में भी डाक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और मरीज परेशान रहे सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि जनरेटर चलाने के आदेश के बावजूद नहीं चला, तो इस मामले की जांच कराएंगे।