फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में विभागीय कर्मियों के लिए बने आवासों पर रिश्तेदार और संविदा कर्मी अवैध तरीके से काबिज हैं। पिछले दिनों डीएम ने इन आवासों को खाली कराने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 33 आवासों पर अवैध कब्जा बताया गया है। हद तो यह है कि इनमें रहने वाले बिना मीटर के ही दो-दो एसी चला रहे हैं। इससे बिजली विभाग को भी लाखों की चपत हर माह लग रही है।
लोहिया अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए अलग-अलग श्रेणी के 154 आवास बने हैं। इन आवासों में डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारी ही रहने के पात्र हैं। मगर कई सालों से मनमानी चल रही है। सेवानिवृत्त दो लोगों ने कुछ समय पहले ही आवास खाली किया, फिर भी इसमें कुछ लोग रह रहे हैं। कई ऐसे कर्मचारी हैं, जिनके शहर में मकान बने हैं।
वह खुद तो अपने मकानों में रहते हैं, मगर सरकारी आवास आवंटित करवाकर उसमें अपने रिश्तेदारों को रख दिया है। कई आवासों पर नियम विरुद्ध तरह से संविदा कर्मी काबिज हैं। यही नहीं कई चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के दोस्तों का भी इन आवासों में रात गुजारना आम हो गया है। यही वजह है कि आए दिन विवाद होता है।
छात्रावास पर एंबुलेंस स्टाफ का कब्जा
अस्पताल गेट के पास एक छात्रावास है। इसमें कई साल से 108, 102 एंबुलेंस के चालक, ईएमटी और विभागीय अधिकारियों का कब्जा है। रात के वक्त यहां उनके दोस्तों की पार्टियां चला करती हैं।
बिना मीटर चल रहे दो-दो एसी
अस्पताल के आवासों में बिना मीटर के बिजली जलाई जा रही है। 50 से अधिक आवासों में एक और दो एसी लगे हैं। इससे सरकारी राजस्व को चूना लग रहा है। बिजली विभाग मीटर भी नहीं लगा पा रहा है।
पुलिस की मदद से खाली कराने का है आदेश
पिछले दिनों डीएम ने सीएमएस से पुलिस बल की मदद लेकर अवैध रूप से रह रहे लोगों से सरकारी आवास खाली कराने के लिए कहा था। बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि आए दिन अस्पताल में विवाद होता रहता है।