शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

लोहिया अस्पताल में बेड फुल, दवाइयों का टोटा

farrukhabad Updated Thu, 13 Sep 2018 12:13 AM IST
बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर लगी भीड़ - फोटो : amarujala
मौसम बदलने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। लोहिया अस्पताल की ओपीडी के साथ इमरजेंसी में भी मरीजों की भीड़ लगी है। अस्पताल के बेड फुल हो गए हैं और दवाइयों का टोटा होने लगा है। बुखार के लिए सबसे महत्वपूर्ण पैरासीटामाल सीरप और गोलियां ही नहीं हैं। इसके अलावा कई अन्य दवाइयां भी खत्म हो गई हैं।
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल में मौसम के बदलते ही बुखार के अलावा डायरिया समेत अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक होने लगी है। बुधवार को ओपीडी में करीब 1654 मरीजों ने पंजीकरण कराया। लोहिया अस्पताल में फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार ने अपने कक्ष में सुबह 11 बजे तक मरीजों को देखा। यहां पर मरीजों की काफी भीड़ रही। यहां अधिकांश मरीज बुखार व डायरिया के थे। इस बीच फिजीशिन सरकारी कार्य से चले गए। जब काफी समय तक मरीजों को उनके न आने की जानकारी हुई तो वह लोग अस्पताल में मौजूद अन्य डॉक्टरों के पास जाकर दवा ली। बाढ़ के बाद अब ग्रामीण इलाके के साथ ही शहर क्षेत्र में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

दवाओं की कमी के चलते लोग बाहर से दवा लाने को मजबूर हैं। हालांकि यहां पैरासीटामाल मिक्स गोली है लेकिन वह बच्चों को नहीं दी जा सकती। मरीजों की संख्या अधिक होनेे से अस्पताल के बेड फुल हो चुके हैं। दूसरी मंजिल के वार्ड में भेजे जाने वाले मरीजों को भी वहां से वापस नीचे भेज दिया जा रहा है। हर रोज डायरिया, बुखार, दमा आदि बीमारियों के औसतन आठ से दस मरीज भर्ती हो रहे हैं।

दवाओं की डिमांड भेजी गई
सीएमएस डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि जो दवाइयां नहीं है। उनकी डिमांड भेजी जा चुकी है। अभी तक दवाइयां नहीं आईं। हालांकि एंटी रेबीज इंजेक्शन कुछ मिल गए थे। उनको लगवाया जा रहा है।


ये हैं प्रमुख दवाएं
पैरासीटामाल गोली, सीरप, लीवर की बीमारी में दिए जाने वाला एसलीवर कैप्सूल, आंख और कान के ड्राप, इमाक्सीसिलीन कैप्सूल इस समय अस्पताल में नहीं है।


कक्ष में भीड़ घुस आने पर डॉक्टर उठ गए
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉक्टर शेखर सक्सेना के कक्ष में काफी भीड़ लगी थी। यहां पर मरीजों ने धक्कामुक्की कर कक्ष के अंदर चले गए। यह देखकर डॉक्टर ने मरीजों से लाइन में एक-एक कर अंदर आने को कहा। इसके बाद भी मरीज नहीं मान रहे थे। इस पर डॉक्टर वहां से उठ कर चले गए। आधा घंटे बाद डॉक्टर के आने पर मरीजों ने लाइन लगा ली। इसके बाद मरीजों को देखा गया। ब्यूरो

Recommended

Spotlight

Most Popular

Related Videos

विज्ञापन
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।