इमरजेंसी बंद करने का प्रयास करते कर्मचारी।
- फोटो : इमरजेंसी बंद करने का प्रयास करते कर्मचारी।
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल के आवासीय परिसर में रविवार से बिजली गुल होने से परेशान कर्मियों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट गया। देर शाम सैकड़ों कर्मचारी महिलाओं, बच्चों के साथ सीएमएस के आवास में घुस गए। सीएमएस ने अपने को एक कमरे में बंद कर लिया। क्वालिटी मैनेजर से जमकर नोकझोंक हुई। इसी दौरान आए इंस्पेक्टर ने खदेड़कर सबको बाहर निकाला।
भीषण गर्मी में लोहिया अस्पताल के आवासों की बिजली आपूर्ति बंद होने से आक्रोश आसमान पर पहुंच गया। एकत्रित कर्मचारी सीएमएस के आवास में पहुंचे। आवास बंद होने पर उन्होंने धक्का देकर कुंडी तोड़ दी। हालात खराब देख सीएमएस ने अपने को एक कमरे में बंद कर लिया। वहां पहले से मौजूद क्वालिटी मैनेजर रजा को महिला कर्मचारी और परिजन बाहर ले आए। जमकर विवाद हुआ। कुछ कर्मचारी अभद्र भाषा का भी प्रयोग करने लगे।
कर्मियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति शुरू की जाए, इसके बाद अभियान चलाकर मीटर लगवाएं। संतोषजनक जवाब न मिलने से आक्रोशित भीड़ इमरजेंसी पहुंच गई। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। ड्यूटी कर रहे इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने कहा कि इमरजेंसी बंद कराने से क्या बिजली आ जाएगी। वह समझा ही रहे थे कि इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह ने भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर कर्मियों को हड़काकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने हंगामा की वजह से किसी भी मरीज की जान जाने पर गंभीर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इसी दौरान पहुंचे सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी और कुछ कर्मचारियों के साथ पुलिस चौकी में वार्ता शुरू कर दी गई।