लाइन हाजिर दरोगा ने थाने में तीन भाइयों को पीटा
फर्रुखाबाद। मारपीट के मुकदमे में पकड़े गए दो छात्र सहित तीन भाइयों को लाइन हाजिर दरोगा ने पुलिस हिरासत में पीटा। इसके बाद तीनों भाइयों को पुलिस ने जेल भेज दिया। पिता ने डीएम व एसपी को प्रार्थना पत्र देकर दरोगा पर विवेचना में महिलाओं के नाम निकालने व एक धारा हटाने के नाम पर एक लाख बीस हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। इसके ऑडियो व वीडियो भी सुरक्षित होने की बात कही है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बीसलपुर बांगर निवासी उमेश चंद्र दीक्षित ने डीएम मानवेंद्र सिंह व एसपी अशोक कुुमार मीणा को लाइन हाजिर दरोगा जितेंद्र कुमार के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें आरोप लगाया कि चुनाव की रंजिश में गांव में मारपीट हुई थी।
दूसरे पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें उनके अलावा चार पुत्रों व घर की महिलाओं को आरोपी बनाया गया। जांच कर रहे दरोगा जितेंद्र ने 1.20 लाख रुपये की मांग कर मुकदमे से महिलाओं के नाम निकालने व एक धारा हटाने की बात कही थी। इस पर साले मनोज दीक्षित ने रुपये दे दिए। इसका ऑडियो व वीडियो भी बना लिया गया।
इसी बीच साले प्रमोद दीक्षित के मोहल्ला कूंचा भवानीदास स्थित घर पर दरोगा ने दबिश दी। प्रमोद कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी हैं। उनकी शिकायत पर दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। इससे भड़के दरोगा ने सोमवार को घर में दबिश देकर तीन पुत्रों को पकड़ लिया।
पुलिस हिरासत में तीनों को जमकर पीटा। तीनों का चालान कर दिया गया। एसओ अंकुश राघव ने बताया कि मारपीट के मुकदमे में तीनों को जेल भेजा गया है। लगाए गए आरोप गलत हैं।