विशेष अदालत ईसीएक्ट के न्यायाधीश बलजोर सिंह ने अपहरण कर हत्या करने के बाद शव को खेत में फेंकने के मुकदमे के आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे उम्रकैद व 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
कायमगंज कोतवाली के मोहल्ला सैथरा निवासी विपिन गंगवार तीन अक्तूबर 2015 को शहर कोतवाली के मोहल्ला पलरिया निवासी अपने दोस्त फोटोग्राफर राजीव कुमार मिश्रा उर्फ बॉबी के घर आया। वह राजीव को उसकी बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। शाम को घर न लौटने पर पत्नी मंजू मिश्रा ने फोन पर संपर्क किया। राजीव कुमार मिश्रा ने विपिन के साथ होने और दूसरे दिन घर लौटने की बात कही। दूसरे दिन पत्नी ने फिर फोन किया। राजीव मिश्रा के स्थान पर विपिन गंगवार ने फोन उठाया। उसने शाम तक आने की बात कही। शाम को पति के घर न लौटने पर पत्नी ने फिर फोन मिलाया। मोबाइल बंद मिला। पांच अक्तूबर को शहर कोतवाली में मंजू मिश्रा ने पति राजीव मिश्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई। सात सितंबर को पत्नी विपिन गंगवार के घर पति की खोज में गई। वहां विपिन गंगवार के घर पर ताला पड़ा था।
कायमगंज कोतवाली में जाने पर मंजू को पता चला कि नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक खेत के किनारे पांच अक्तूबर को युवक का शव पड़ा मिला था। वह मोर्चरी में रखा है। मंजू मिश्रा ने नवाबगंज थाने पहुंच कर शव की फोटो देखी। लोहिया अस्पताल आकर शव पति का होने की शिनाख्त की। मंजू मिश्रा ने विपिन गंगवार के खिलाफ नवाबगंज थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। नवाबगंज पुलिस ने मुकदमे की विवेचना शहर कोतवाली भेज दी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशनपाल सिंह यादव ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने विपिन गंगवार को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।