विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित हिंदू महासम्मेलन में राष्ट्र रक्षा और
भारतीय संस्कृति बचाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथि अशोक
तिवारी ने कहा कि हिंदुओं की घर वापसी एवं धर्म परिवर्तन पर रोक लगाए जाने
के लिए कानून बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति बचाने को
लोगों से आगे आने का आह्वान किया।
फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग स्थित एक
गेस्ट हाउस में आयोजित हिंदू महासम्मेलन में प्रांतीय मंत्री अवध बिहारी
मिश्र ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का निर्माण हिंदू समाज की समस्याओं को
सुनकर उनका निराकरण करने के लिए हुआ है। उन्होंने कहा कि आज मुस्लिमों की
आबादी लगातार बढ़ रही है। हिंदुओं की कम होती जा रही है। मुख्य अतिथि अशोक
तिवारी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में हिंदुओं ने अपने प्राणों को न्यौछावर
कर दिया।
उन्होंने कहा कि विडंबना है कि कुछ लोग अपनी चोटी की रक्षा नहीं
कर पा रहे हैं। ऐसे में वह राष्ट्र और संस्कृति की क्या रक्षा करेंगे। आज
भारतीय संस्कृति को बचाने की आवश्यकता है। गौरक्षा प्रमुख वासुदेव पटेल ने
गौरक्षा से पूर्ण भारत की रक्षा के बारे में विस्तार से बताया। वरिष्ठ नेता
डा. ब्रह्मदत्त अवस्थी ने सभी को विहिप के कार्यक्रमों में भाग लेने के
लिए प्रेरित किया। इससे पहले रवींद्र भदौरिया ने मुख्य अतिथि अशोक तिवारी
का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इस अवसर पर सुधीर अग्रवाल, अवधबिहारी
दास, रामकुमार अग्रवाल, राजीव सक्सेना, लक्ष्मीकांत मिश्र, देवीसहाय
पालीवाल, रामकुमार अग्रवाल, महंत बालकदास, राघवदास, रामनंदन सरस्वती,
नरसिंह दास, नंदकिशोर शुक्ल और महेंद्र सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन विशंभर मिश्र ने किया।