फर्रुखाबाद। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के लिए शहर के पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आयोजकों ने प्रशासन से अनुमति तो ली है लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम पर विशेष ध्यान नहीं है। कई पंडालों में मात्र एक अग्निशामक यंत्र मिला, जबकि एक आयोजन स्थल पर आग से बचाव का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। भगदड़ से निपटने के लिए भी अलग से कोई व्यवस्था नहीं दिखी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई घटना में करीब 50 लोगों के हताहत होने की खबर के बीच शहर के पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने शहर के चार पंडालों का रविवार शाम को जायजा लिया। पड़ताल में सामने आया कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने और आग पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम हर जगह नहीं हैं। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में 46 प्राचीन मंदिरों और 85 पंडालों में मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। आयोजकों का कहना है कि पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए रोजाना चक्कर लगाते हैं।
रेटगंज : बाहर गैस भट्ठी पर गर्म हो रहा था दूध, पास में अग्निशामक यंत्र
फोटो-44 रेटगंज में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर गैस भट्ठी पर दूध गर्म करते कार्यकर्ता। संवाद
मोहल्ला रेटगंज में पिछले 14 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है। शाम 6:05 बजे आरती की तैयारी चल रही थी। पंडाल में आठ से दस महिलाएं और कुछ अन्य लोग प्रसाद तैयार कर रहे थे। बाहर गैस भट्ठी पर दूध गर्म किया जा रहा था। आयोजक अरविंद गुप्ता राजू ने बताया कि प्रशासन से अनुमति ली गई है। आग से बचाव के लिए एक अग्निशामक यंत्र रखा गया है। गैस भट्ठी और श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच आपात स्थिति से निपटने के अन्य इंतजाम नजर नहीं आए।
==========
तलैया मोहल्ला : दो मकानों के बीच खाली प्लॉट में आयोजन
फोटो-45 तलैया में खाली प्लाट पर सजाए गए दुर्गा पूजा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु।
मोहल्ला तलैया में पिछले तीस वर्षों से दुर्गा पूजा हो रही है। शाम 6:20 बजे हवन के बाद आरती शुरू हुई। दो मकानों के बीच खाली पड़े प्लॉट में स्थापित प्रतिमा के पास श्रद्धालु जुटे थे। आग से बचाव के लिए यहां भी एक अग्निशामक यंत्र ही मौजूद मिला। आयोजक रवि गुप्ता, देवू कश्यप और महेश चंद्र कश्यप ने बताया कि मां के आशीर्वाद से अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। आयोजन में शामिल लोग सतर्क रहते हैं।
========
साहबगंज चौराहा : 25 साल से आयोजन, आग से बचाव का इंतजाम नहीं
फोटो-46 साहबगंज चौराहे पर सड़क किनारे दुकान में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा। संवाद
साहबगंज चौराहे पर कमलेश शर्मा व अन्य सहयोगियों की ओर से पिछले 25 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। सड़क किनारे दुकान में मां की प्रतिमा स्थापित की गई है। शाम 6:54 बजे प्रतिमा के पास कुछ बच्चे बैठे खेल रहे थे। कमलेश वर्मा ने बताया कि दुकान के अंदर ही प्रतिमा विराजमान है और श्रद्धालु बाहर से आरती में शामिल होते हैं। पड़ताल के दौरान आग से बचाव के लिए कोई विशेष इंतजाम नजर नहीं आया।
========
गणेश प्रसाद स्ट्रीट : दो तरफ रास्ते
फोटो-47 गणेश प्रसाद स्ट्रीट स्थित दुर्गा पूजा स्थल पर सजा मां का दरबार। संवाद
मोहल्ला गणेश प्रसाद स्ट्रीट में स्थानीय लोगों ने मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की है। शाम 7:15 बजे आरती की तैयारी चल रही थी। मंदिर के बाहर कुछ लोग विसर्जन यात्रा की व्यवस्था पर चर्चा कर रहे थे। आयोजक सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि प्रशासन से अनुमति ली गई है। आग से बचाव के लिए एक अग्निशामक यंत्र रखा गया है। आसपास के मकानों में सबमर्सिबल पंप होने और दोनों ओर से रास्ता उपलब्ध होने के कारण उन्होंने आग या भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम होने का दावा किया। मौके पर अग्निशमन सिलिंडर के अलावा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पुष्टि नहीं हो सकी।