टावर लगा रहे मजदूर की गुरुवार को करंट लगने से मौत हो गई। साथी ने मजदूर का शव कमरे में बंद कर ताला लगा दिया और फर्रुखाबाद आकर ठेकेदार को घटना की जानकारी दी।
वहीं, मकान मालिक जब प्लाट पहुंचा तो बाहर से ताला लगा देख उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब ताला तोड़कर देखा तो मजदूर का शव पड़ा था।
बिहार प्रांत के जिला बेतिया के थाना चौतरवा के गंाव शीशवा बसंतपुर निवासी मनीष यादव (25) पुत्र इंदर अपने तीन साथियों नत्थूराम, नजरुलहक व दुर्वेश के साथ नगर के मोहल्ला सधवाड़ा निवासी मुकेश कुमार गुप्ता के मकान की छत पर एक कंपनी का टावर लगाने का कार्य कर रहा था।
तहसील दिवस में मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की थी कि मोबाइल टावर लगने से लोगों की सेहत पर असर पडे़गा। इस पर पुलिस ने काम रुकवा टावर लगवा रही कंपनी के लोगों से परमीशन आदि दिखाने को कहा गया था। काम बंद होने पर नजरुलहक व दुर्वेश दो दिन पहले कहीं और काम से चले गए। मनीष व नत्थूराम वहीं रह गए।
शुक्रवार भवन स्वामी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उसके खाली पडे़ प्लाट में टावर लगा रहे मजदूरों में एक मजदूर मरा पड़ा है और बाहर से ताला पड़ा है। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची गेट का ताला तोड़ घटना स्थल की जांच पड़ताल की। पुलिस ने भवन मालिक से टावर लगाने वाली कंपनी के लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पुलिस ने साथ रहे मजदूर नत्थूराम मौके पर बुलाया। नत्थूराम ने बताया कि गुरुवार करीब 5 बजे वह व मनीष कटर से सरिया काट रहे थे, तभी वह शौच करने चला गया। जब वह लौटकर आया तो देखा मनीष जमीन पर पड़ा है।
उसने जब मनीष को उठाया तो उसे करंट लगा। इस पर उसने कटर का तार निकाला लेकिन तब तक मनीष की मौत हो चुकी थी। इस पर वह घबरा गया और प्लाट का बाहर से ताला लगाकर देर रात फर्रुखाबाद पहुंचा और घटना की सूचना अपने टावर के ठेकेदार व अन्य लोगों को बताई।
इस पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ नरेश कुमार ने बताया कि प्रथमा दृष्टता युवक की मौत करंट लगने से हुई प्रतीत होती है। पीएम रिपोर्ट आने पर मामला स्पष्ट हो सकेगा।